मौसम का मिजाज बीते तीन दिनों से बदल रहा है। सोमवार और मंगलवार को तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। बुधवार सुबह घटा रही, दोपहर बाद तेज धूप निकली, शाम के समय मौसम में फिर नमी आ गई। लगातार मौसम में बदलाव होने से लोगों के लिए परेशानियां भी बढ़ सकती है। ऐसे में मामूली चूक सेहत पर भारी पड़ सकती है। मौसम में नमी के चलते श्वांस के रोगी भी बढ़ गए हैं। इसके अलावा संक्रामक रोग होने का खतरा भी बढ़ गया है। इस मौसम में बच्चों के लिए मुख्य रूप से एहतियात बरतने की आवश्यकता होती है।
अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को भीगने नहीं दें। बहुत ठंडा पानी पीने से भी उन्हें बचाएं। बारिश के बाद अब तेजी से मच्छरों के प्रकोप में इजाफा होगा। आसपास सफाई व्यवस्था सुचारु नहीं होने के कारण स्थितियां काफी विषम होगी। सफाई व्यवस्था को सुचारु कराने में पूरा सिस्टम ही नाकाम है। सफाई नहीं होने के कारण भी भी कई बीमारियां पैदा होंगी। जिला अस्पताल में रोज करीब 700 मरीज पहुंच रहे हैं।
इनमें खांसी, जुकाम, वायरल फीवर के साथ सांस के रोगियों की संख्या अधिक है। स्वामी कल्याणदेव जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ लोकेश गुप्ता ने बताया कि लगातार बदलते मौसम में सेहत और खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। तेज बुखार आए तो तत्काल सिर पर पानी की पट्टियां लगाना शुुरू कर दें। कोई भी परेशानी आए तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
ये फैलती हैं बीमारियां
फैल्सीपेरम मलेरिया, वायरल फीवर, पीलिया, दिमागी बुखार, हेपेटाइटिस-बी, डेंगू, स्वाइन फ्लू, डायरिया, टाइफाइड, सर्दी, खांसी-जुकाम
इस तरह बरतें सावधानी:-
तेज धूप से बचे, छाते का प्रयोग करें
लू चले तो पूरी आस्तीन के कपड़े पहने
आंखों की सुरक्षा को चश्मे का प्रयोग करें
घर के आसपास सफाई रखें।
शुद्ध पेयजल का करें प्रयोग।
कटे हुए फलों से परहेज करें।
बासी खाना कतई न खाएं।
खाने से पहले हाथ जरूर धोएं।
जल्दी पचने वाला खाना खाएं।
गरिष्ठ व चिकनाई वाला खाना न खाएं।
फ्रीज के पानी का इस्तेमाल कम करें।
गर्म खाना और पानी का प्रयोग अधिक करे।