नई शिक्षा नीति में बदलाव समय की मांग
मुजफ्फरनगर। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के बैनरतले एक वर्चुअल गोष्ठी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आयोजित की गई। गोष्ठी में प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा में हुए बदलाव व शिक्षा पद्धति में आधुनिक तकनीकी की आवश्यकता को सही बताया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री मंत्र के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. एनके तनेजा रहे। उन्होंने नई शिक्षा नीति की आवश्यकता व महत्वपूर्ण बिंदुओं को विस्तार से समझाया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि विद्या भारती मेरठ प्रांत के संगठन मंत्री तपन कुमार ने नई शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रम में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इस राष्ट्रीय वेबिनार के सफल आयोजन के लिए मुजफ्फरनगर विद्वत परिषद को बधाई दी। इस अवसर पर प्राथमिक शिक्षा पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में हुए बदलाव पर स्थानीय दून वैली स्कूल के निदेशक अनुराग सिंघल ने विस्तार से प्रकाश डाला। माध्यमिक शिक्षा में हुए बदलाव पर प्रमोद कुमार त्यागी, प्राचार्य राखी पब्लिक स्कूल ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर डॉ पीके श्रीवास्तव प्रोफेसर एसडी महाविद्यालय ने उच्च शिक्षा पर हुए बदलावों को बहुत ही सरल भाषा व प्रभावशाली शैली में समझाया। पूर्व प्राचार्य व संयोजक, भारतीय शिक्षा परिषद, पश्चिम उत्तर प्रदेश भूदेव सिंह ने विद्वत परिषद इकाई के द्वारा किए जा रहे कार्यों को विस्तार से बताया। डॉ एसएन सिंह निदेशक एसडी इंजीनियरिंग कॉलेज ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर संघचालक अनिल धमीजा ने अपने संबोधन में कहा कि अब समय आ गया है नई शिक्षा नीति 2020 की गाइड लाइन को अपनाते हुए शिक्षा को तकनीकी से जोड़ कर आगे बढ़ना होगा। इस अवसर पर डॉ एके सिंह, डॉ केजी अरोड़ा, डॉ एसपी अग्रवाल, सीपी सिंह, लोकेश शर्मा, दिनेश शर्मा आदि शामिल रहे। संचालन जिला सयोजक डॉ आरके सिंह ने किया।