आज से चैत्र नवरात्र महोत्सव शुरू होंगे। पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैल पुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। श्रद्धालुओं द्वारा कलश यात्राएं निकालकर मंदिरों और घरों में कलश स्थापित किए जाएंगे। उधर, हिंदू नव संवत्सर 2074 का भी शुुभारंभ होगा।
चैत्र नवरात्र के लिए नगर के सभी मां दुर्गा और देवी मंदिरों को भव्य रूप से रंगीन रोशनी से सजाया गया। आठ दिनों तक चलने वाले नवरात्र महोत्सव के दौरान मंदिरों और घरों में मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दौरान मंदिरों और धार्मिक संगठनों की ओर से मां भगवती के जागरण किए जाएंगे।
सोमवार को नगर में गांधी कॉलोनी स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, नईमंडी के मां दुर्गा मंदिर, सनानत धर्म सभा भवन में देवी मंदिर, नदी घाट दुर्गा मंदिर, शामली रोड स्थित मां शाकुंभरी मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया।
नवरात्र महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। मंगलवार को मंदिरों में घट स्थापना होगी। इससे पूर्व श्रद्धालु घट यात्राएं निकालेंगे। सोमवार को माता का श्रृंगार, पूजन सामग्री, चुनरी, नारियल आदि की खरीदारी की गई। घरों में भी चैत्र नवरात्र की तैयारियां की गई।
उधर, पंडित विनोद त्यागी ने बताया कि इस मंगलवार को अमावस्या प्रात: 8:26 बजे तक है। प्रतिपदा का छय हो रहा है। उनका कहना है कि नवरात्रों में तिथि ह्रास या वृद्धि होने पर देवी अड़चन में कोई व्यवधान नहीं माना जाता है। प्रात: 8:42 बजे के बाद वृष लग्न चरके चौघड़िया मुहूर्त में घट स्थापना करना शुभ रहेगा। इसके बाद माता के पहले स्वरूप शैलपुत्री का पूजन और उपवास प्रारंभ होगा।