मुजफ्फरनगर में मोदी सरकार के अहम केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को सड़क मार्गों और देश के ज्वलंत मुद्दों के बजाए एथनॉल के उत्पादन पर आगामी नीतियों का खुलासा किया। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री गडकरी ने गन्ना किसानों के संकट पर चिंता अवश्य जताई और कृषि मंत्रालय के प्रयासों की तस्वीर खींची।
एनएच-58 पर एक होटल में भाजपाइयों ने गडकरी के स्वागत का कार्यक्रम रखा था। ढाई घंटे देर से पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों से वार्ता में देश के ज्वलंत मुद्दों पर कोई टिप्पणी करने से खुद को बचाए रखा। भूतल परिवहन मंत्रालय की वेस्ट यूपी और उत्तराखंड से जुड़ी सड़क योजनाओं पर भी उन्होंने कोई नई जानकारी नहीं दी।
वार्ता की अवधि में गडकरी एथनॉल को पेट्रोल का विकल्प बनाने की योजना की व्याख्या करते रहे। उन्होंने कहा कि देश के किसानों की हालत से मोदी सरकार वाकिफ है। कैसे गन्ना उत्पादकों को राहत दें, इसके लिए कृषि मंत्रालय ने नीतियां और योजनाएं बनाई हैं।
ब्राजील भारत से ढाई गुणा बड़ा देश है, जहां गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर होती है। ब्राजील में चीनी का भाव सोलह रुपये किलो है, जिसकी वजह से पूरी दुनिया में चीनी बाजार खस्ता हाल है। गेहूं और चावल की फसल भी फर्टीलाइजर महंगे होने की वजह से किसानों को राहत नहीं दे पा रही है।
गडकरी ने कहा कि 26 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेट्रोल के विकल्प के रूप में एथनॉल के प्रोडक्शन नीति की घोषणा करेंगे। ब्राजील में 26 हजार पेट्रोल पंप हैं, जहां पेट्रोल और एथनॉल के अलग-अलग पंप हैं। विश्व की मुख्य वाहन कंपनियां एथनॉल ऑयल पर चलने वाली गाड़ियां बना रही हैं।
कनाडा और अमेरिका में 50 प्रतिशत से ज्यादा गाड़ियां एथनॉल से चल रही हैं। यामाहा और होंडा ने भारत में एथनॉल आधारित बाइकें बाजार में उतारने का फैसला किया है। खोई, चावल और कॉर्न के भूसे तथा प्लास्टिक एवं ग्लास आदि के कचरे से एथनॉल बनाएंगे। एथनॉल के प्रयोग से प्रदूषण में भी कमी आएगी।
गडकरी ने वेस्ट यूपी में बंफर गन्ने की फसल पर खुशी जताई, लेकिन बाजार में चीनी के दाम नहीं बढ़ने को किसानों के लिए कष्टप्रद समय बताया। असहिष्णुता पर आमिर के बयान, पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला के पीएमओ के मुद्दे पर विवादित बोल, बिहार के चुनाव में पार्टी की हार से जुड़े सवालों पर गडकरी ने किनारा कर लिया।
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान, कपिल देव अग्रवाल, जिलाध्यक्ष सतपाल पाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व जिलाध्यक्ष रामकुमार सहरावत, देवव्रत त्यागी, पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, बुढ़ाना चेयरमैन जितेंद्र त्यागी, जानसठ चेयरमैन यनेश तंवर, पूर्व विधायक सुशील अग्रवाल, राजीव गर्ग, नगराध्यक्ष श्रीमोहन तायल, डॉ वीरपाल निर्वाल, नीतिन मलिक, जगदीश पांचाल, सुदर्शन सिंह बेदी, मदन छाबड़ा, मुकेश चंदेल आदि मौजूद रहे।