मुजफ्फरनगर। नया सत्र शुरू हो चुका है। निजी विद्यालयों की ओर से तैयार पुस्तक सूची में एनसीईआरटी के सापेक्ष अन्य प्रकाशन की पुस्तकों के नाम भी शामिल किए गए हैं। अभिभावक इस सूची को लेकर निजी स्कूलों की ओर से निर्धारित दुकानों पर पहुंच रहे हैं लेकिन वहां पर एनसीईआरटी की पुस्तकें ही गायब हैं।
अन्य प्रकाशन की पुस्तक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। दुकानदार अभिभावकों को एनसीईआरटी की किताबों की शार्टेज का हवाला देकर लौटा रहे हैं। फिलहाल अभिभावक आधा अधूरा बैग तैयार कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए मजबूर हैं।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल की ओर से दी गई सूची का कोर्स पूरा करने के लिए भटकना पड़ रहा है। स्कूल के चुने हुए प्रकाशकों की पुस्तकें विद्यालय की ओर से निर्धारित दुकान पर ही मिलेगी। एनसीईआरटी को खरीदने के लिए विकल्प के तौर पर प्रकाश चौक और भोपा रोड की दुकाने बताई जा रही हैं। दुकानदार यहां तक कह रहे हैं कि दो या तीन महीने में ही एनसीईआरटी उपलब्ध हो पाएगी।
अधिकारियों को देना चाहिए ध्यान
जागरूक अभिभावक संघ के अध्यक्ष राहुल गोयल ने बताया कि महंगाई के जमाने में एनसीईआरटी अभिभावकों के खर्च को संतुलित करती हैं। इसी उद्देश्य से शासन की ओर से एनसीईआरटी को पढ़ाए जाने के निर्देश जारी किए जाते हैं। अधिकारियों को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए कि अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें क्यों लगाई जा रही हैं। अभिभावक अक्सर शिकायत करते हैं कि कुछ किताबें तो वर्ष भर पढ़ाई भी नहीं जाती।
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कक्षा नौ और दस की एक भी विषय की पुस्तक नहीं उपलब्ध
समन्वय स्तंभ के मुख्य संयोजक अमित गुप्ता का कहना है कि बाजार में कक्षा नौ और दस की एनसीईआरटी पुस्तकों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। हालात इतने गंभीर हैं कि एक भी विषय की पुस्तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है। विद्यालय खुल गए है लेकिन छात्रों को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि उनका सिलेबस क्या होगा और वे अपनी पढ़ाई की शुरुआत कैसे करेंगे। एनसीईआरटी पुस्तकों की तत्काल और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए