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Muzaffarnagar News: सीबीएसई ने अपनाया सख्त रुख, जारी किए नए रूल

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मुजफ्फरनगर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए जरूरी योग्यता और शर्तें बताई हैं। 15 सितंबर को जारी इस नोटिस के मुताबिक अब विद्यार्थी और विद्यालय नॉन अटेंडिंग की प्रक्रिया को नहीं अपना सकेंगे। सीबीएसई ने डमी स्कूलों के चलन को रोकने के लिए सख्ती बरतते हुए नए नियमों जारी किए हैं। छात्रों को बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने के लिए निरंतर दो साल तक की शिक्षा के साथ आंतरिक मूल्यांकन में शामिल होना अनिवार्य है।
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सीबीएसई की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने के लिए 75 फीसदी हाजिरी होना तो पहले से ही लागू है लेकिन अब विद्यार्थियों का सभी चयनित विषयों में दो साल तक लगातार पढ़ाई करना और आंतरिक मूल्यांकन भी अनिवार्य होगा। सीबीएसई ने ये नियम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एनईपी के तहत शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए तय किए हैं।
बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार यदि किसी विद्यार्थी ने नौवीं कक्षा में कंप्यूटर और संगीत को वैकल्पिक विषय के तौर पर रखा होगा तो दसवीं तक दोनों विषय पढ़ना जरूरी होगा। इसी तरह 11वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी चयनित विषयों की पढ़ाई जरूरी होगी। बोर्ड की नियमावली के तहत नौंवी-दसवीं और 11वीं-12वीं कक्षा को दो वर्षीय शैक्षणिक कार्यक्रमों के तौर पर माना जाएगा। इन कक्षाओं के विद्यार्थी विषय में बदलाव नहीं कर सकेंगे। दसवीं कक्षा में पांच मुख्य विषयों के साथ दो अतिरिक्त विषय रख सकेंगे।
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आंतरिक मूल्यांकन को दी है अहमियत
न्यू हॉराइजन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या मीनाक्षी मित्तल ने बताया कि आंतरिक मूल्यांकन को इस बार विशेष अहमियत दी गई है। इसमें 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के आधार पर लगातार मूल्यांकन होगा। इसमें फेल होने वाले छात्रों का परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। अगर सीबीएसई के इन नियमों का पालन नहीं करेंगे तो इन्हें बोर्ड के एग्जाम में अतिरिक्त विषय में निजी उम्मीदवार के तौर पर सम्मिलित नहीं किया जाएगा।
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