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Muzaffarnagar News: कोर्ट में गवाह दोबारा बुलाने की सीबीआई की अर्जी खारिज

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मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड से जुड़े सीबीआई बनाम राधामोहन द्विवेदी मामले में गवाह को दोबारा कोर्ट में बुलाने की अर्जी खारिज कर दी गई। सीबीआई की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया गया था कि गवाह ने त्रुटिवश दूसरे आरोपी के फोटो की पहचान कर ली थी। सीबीआई की ओर से दिये गए प्रार्थना पत्र का बचाव पक्ष ने विरोध किया था। दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने सीबीआई का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। इस मामले में सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तिथि निर्धारित की गई।
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एक अक्तूबर, 1994 की रात अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। इनमें महिला आंदोलनकारी भी शामिल थीं। पुलिसकर्मियों ने रात करीब एक बजे रामपुर तिराहा पर बस रुकवा ली। आरोप है कि महिला आंदोलनकारियों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म किया। उत्तराखंड संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 25 जनवरी 1995 को सीबीआई ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे, जिसकी सुनवाई चल रही है। मामले की गवाह और पीड़िता की ओर से पूर्व में एक आरोपी पुलिसकर्मी को उसके फोटो से पहचाना गया था जबकि जिस फोटो की पहचान गवाह ने की थी वह दूसरे आरोपी का था। इस पर सीबीआई की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर तर्क दिया गया था कि गवाह से त्रुटिवश ऐसा हो गया।
कोर्ट से गुहार लगाई गई थी कि गवाह को फिर से गवाही के लिए बुलाया जाए। बचाव पक्ष ने प्रार्थना पत्र का विरोध किया था। दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने सीबीआई की ओर से गवाह को दोबारा बुलाए जाने के लिए दिया गया प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
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