मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी पत्रावली में दूसरे दिन भी गवाही कराई गई। सीबीआई ही ओर से पत्रावली के दो गवाहों की गवाही दोबारा कराने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया। अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
अपर जिल एवं सत्र न्यायालय संख्या-9 में सुनवाई हुई। रुद्रप्रयाग से आए गवाह ने दूसरे दिन अदालत में बताया कि वह वारदात के समय रामपुर तिराहा स्थित होटल पर काम करता था। अदालत में पुलिस की बर्बरता को बयान किया। गवाह ने धारा 161 के बयान में आरोपियों की पहचान नहीं की थी, जबकि अदालत में गवाही के दौरान दो आरोपियों की पहचान की। बचाव पक्ष की ओर से इस पर आपत्ति जताई गई। सीबीआई ने पुष्टि के लि एक पुराना आदेश अदालत में पेश किया।
सीबीआई की ओर से दिए प्रार्थना पत्र में प्रकरण के दो मुख्य गवाहों को दोबारा बुलाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन इस पर अभी आदेश नहीं हुआ है।
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 की रात अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। इनमें महिला आंदोलनकारी भी शामिल थीं। पुलिसकर्मियों ने रात करीब एक बजे रामपुर तिराहा पर बस रुकवा ली। आरोप है कि महिला आंदोलनकारियों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म किया। उत्तराखंड संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 25 जनवरी 1995 को सीबीआई ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे, जिसकी सुनवाई चल रही है।
ये आरोपी हुए कोर्ट में पेश
आरोपी सिपाही कंवरपाल, राकेश मिश्रा, विजयपाल, बृजेश, सुरेंद्र सिंह समेत छह आरोपी कोर्ट में पेश हुए। इससे पहले मंगलवार को गवाह ने दो आरोपियों की पहचान की थी।