मुजफ्फरनगर में कैश डिपोजिट बूथ पर लगी भीड़।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंगलवार रात से ही 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा से लोगों में खलबली मच गई। नोट बंद होने की जानकारी मिलते ही लोग पेट्रोल पंपों पर तेल लेने उमड़ पड़े। अचानक भीड़ देख पंप मालिकों ने भी तेल देना बंद कर दिया।
रात में अचानक एटीएम पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिसको देखते हुए सभी एटीएम बूथों पर पुलिस तैनात की गई। सीओ सिटी तेजवीर सिंह ने लोगों को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन भीड़ बढ़ती गई। इसे देखते हुए पीएसी तैनात की गई।
जाली नोटों के धंधे पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार ने अचानक मंगलवार देर रात 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का ऐलान कर दिया है। जिन लोगों के पास 500 और 1000 रुपये के नोट हैं, वो अपने पहचान पत्र के साथ बैंक और डाकखाने में जमा कराने की छूट दी गई है। पुराने नोट बदलने के लिए 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। इस तिथि के बाद यह नोट महज कागज का टुकड़ा हो जाएंगे।
9 और 10 नवंबर को देश के ज्यादातर एटीएम भी बंद रहेंगे। मंगलवार शाम सरकार द्वारा नोट बंद करने का ऐलान करते ही लोगों में खलबली मच गई। लोग एक दूसरे से फोन कर इस घोषणा की सत्यता की जानकारी लेने में लग गई। टीवी पर खबर प्रसारित होने के बाद लोगों ने अपने पास रखे रुपयों को चलाने के लिए रात में ही पेट्रोल पंपों पर तेल लेने पहुंच गए। अचानक रात में भीड़ देख पेट्रोल पंप वालों ने भी तेल देना बंद कर दिया।
बुधवार सुबह भी नोटों को लेकर गहमागहमी होने की संभावना है। रुपया जमा करने वाले क्योस्क (मशीन) पर रात में ही लोगों की भीड़ लग गई। उधर, सरकार की इस घोषणा से कालाधन जमा करने वालों में बेचैनी बढ़ गई है।