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छेड़छाड़ मामले में पीड़ित पक्ष पर ही दर्ज किया मुकदमा

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खतौली के गांव कैलावड़ा में कई मकानों पर लिखा मकान बिकाऊ है। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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छेड़छाड़ मामले में पीड़ित पक्ष पर ही दर्ज किया मुकदमा
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। गांव कैलावड़ा में छेड़छाड़ के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न होने और पीड़ित पक्ष के खिलाफ ही एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज होने से आहत कई परिवारों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखकर गांव से पलायन की चेेतावनी दी है। सीओ खतौली ने मामले में जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
खतौली कोतवाली क्षेत्र के गांव कैलावड़ा में कुछ दिन पूर्व अनुसूचित जाति के युवक द्वारा सैनी समाज की एक युवती से छेड़छाड़ की गई थी। इसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी भी हो गई थी। तहरीर दिए जाने पर पुलिस ने छेड़छाड़ आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली थी, लेकिन बाद में आरोपी पक्ष की तरफ से उल्टे पीड़ित पक्ष के खिलाफ भी एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर दिया था। आरोप है कि इसके बाद पुलिस द्वारा पीड़ित पक्ष पर फैसले का दबाव बनाया गया, जिसमें छेड़छाड़ आरोपी पक्ष द्वारा एससी-एसटी एक्ट में फैसला करने के लिए पीड़ित परिवार से पांच लाख रुपये की मांग की गई।
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आरोप है कि इससे इंकार किए जाने पर आरोपी पक्ष के लोग रोजाना पीड़ित पक्ष के मोहल्ले में पहुंचकर गाली-गलौज करते हुए धमकियां दे रहे हैं। पीड़ित पक्ष द्वारा मोबाइल से इसकी वीडियो बनाकर पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस कार्रवाई के बजाय पीड़ित पक्ष पर ही फैसले का दबाव बना रही है। इससे आहत होकर शनिवार को सैनी समाज के कई परिवारों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिख दिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर गांव से पलायन की चेतावनी दी है।
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सीओ राकेश सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच छेड़छाड़ को लेकर विवाद हुआ था। सैनी समाज की ओर से छेड़छाड़ के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। वहीं, अनुसूचित जाति पक्ष ने मारपीट का आरोप लगाते हुए एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब सैनी समाज द्वारा पलायन किए जाने की चेतावनी की जांच की जा रही है। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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