काली नदी में डाले जा रहे उद्योगों के कचरे को बंद कराने और प्रदूषित पानी की वजह से बीमार पड़े लोगों का इलाज कराने की मांग को लेकर भाकियू ने सोमवार को तहसील में डेरा डाल लिया। एसडीएम कार्यालय पर कब्जा कर चारपाई डालकर मरीजों को लेटा दिया गया है। तहसीलदार ने चिकित्सकों की टीम को बुलवाकर मरीजों का चेकअप कराया। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने चेतवानी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तहसील में डेरा डाल लिया। अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे राजू अहलावत ने बताया कि पिछले तीन-चार वर्षों से काली नदी में उद्योगों का कचरा डाला जा रहा है, जिससे नदी का पानी प्रदूषित हो चुका है। काली नदी के प्रदूषित पानी से गांव डबल, कितास, इंचौली, रतनपुरी, बोपाड़ा, पुरबालियान, मंडावली बांगर, मंडावली खादर, भनवाड़ा समेत करीब 25 गांवों के कई ग्रामीण कैंसर और हेपेटाइटिस से पीड़ित हैं, जिनका दिल्ली के अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
भाकियू लगातार काली नदी में साफ पानी छोड़े जाने की मांग करती आ रही है, इसके बावजूद अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। भाकियू ने एसडीएम कार्यालय में बीमार ग्रामीणों की चारपाइयां डलवा दी हैं। जिलाध्यक्ष ने तहसीलदार अमित कुमार को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी मांग पूरी होने तक तहसील में अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। धरने पर मनोज सहरावत, सहदेव सिंह, जितेंद्र, गुड्डू, राजीव, सुमित, पिंटू अहलावत, मनु सहरावत, प्रविंद्र ढाका, कपिल सोम, रविंद्र राठी, संजय, छोटे, राजीव, लवकुश, सुनील, देवेंद्र, सोनू अहलावत, सुभाष, शिवकुमार आदि शामिल रहे।
बीमारों का किया चेकअप
तहसीलदार अमित कुमार ने बीमारी से पीड़ित ग्रामीणों का इलाज कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सकों की टीम को बुलवाया। टीम ने बीमार ग्रामीण जिले सिंह, विरेंद्र, पीड़ित महिला मनु, भोपाल समेत कई ग्रामीणों का चेकअप किया। बीमारी से पीड़ित ग्रामीणों ने दिल्ली अस्पताल के डॉक्टरों की रिपोर्ट भी टीम को दिखाई।
टीम के चिकित्सकों ने रिपोर्ट देखकर बीमार ग्रामीणों को दिल्ली के अच्छे अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी। बीमार ग्रामीणों का कहना था कि जिस किसी भी अस्पताल में उन्होंने चिकित्सक से चेकअप कराया। उन्होंने यही बताया कि प्रदूषित पानी की वजह से ही बीमार पड़े हो।
तहसील में ही चूल्हे जलाए
भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील में रात-दिन अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने के लिए भोजन बनाने की व्यवस्था के लिए एसडीएम कार्यालय के बाहर ही चूल्हा रखकर उस पर चाय बनाई। राजू अहलावत ने बताया कि जब तक धरना चलेगा, चूल्हे पर कार्यकर्ताओं के लिए भोजन बनाया जाएगा। मंगलवार को अधिकारी उनकी मांगों को पूरा कराने का आश्वासन देने धरने पर नहीं पहुंचे तो कार्यकर्ता तहसील में प्रदर्शन करेंगे।