कानून के दायरे में चुनाव लड़ें प्रत्याशी
मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। पंचायत चुनाव के मद्देनजर मंगलवार को डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव ने क्षेत्र के गांव धमात व नूरनगर और खाईखेड़ी में प्रत्याशियों तथा ग्रामीणों की बैठक ली। एसएसपी ने कहा कि वोट डालो और अपने घर जाओ।
उन्होंने प्रत्याशियों तथा उनके समर्थकों को चेतावनी दी कि मतदाताओं को किसी तरह का भी लालच ना दें। ना ही किसी मतदाता पर वोट देने का दबाव बनाया जाए। अगर किसी ने ऐसा किया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गांव धमात के सरकारी स्कूल में आयोजित बैठक में डीएम ने कहा कि पिछले चुनाव में 90 प्रतिशत मतदान होने के कारण आपका गांव संवेदनशील की श्रेणी में है। मगर ज्यादा मतदान से हमें कोई दिक्कत नहीं है। मतदान सही तरीके से होना चाहिए।
डीएम ने कोरोना संक्रमण को लेकर भी ग्रामीणों को सावधानी बरतने व मास्क लगाने की अपील की। एसएसपी ने कहा कि कोई भी प्रत्याशी किसी मतदाता को कोई लालच ना दे। ना ही किसी पर कोई दबाव बनाने का प्रयास करे। भीड़ के साथ प्रचार ना करें, अगर किसी प्रत्याशी की कोई शिकायत मिल गई तो उसका क्या हाल होगा इसका अंदाजा भी आपको नहीं होगा। एसएसपी ने कहा कि वोट डालो और अपने घर जाओ। अगर कोई अनायास घूमता मिला और मतदाताओं से पूछा कि वोट किसे दी , तो वह अपना चुनाव भूल जाए। उसे थाने ले जाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी प्रत्याशियों को नियम व कानून से चुनाव लड़ने की हिदायत दी।
प्रत्याशियों को फिर से चुनाव चिह्न आवंटित किए
पुरकाजी। गांव धमात में पांच प्रत्याशी प्रधान पद का चुनाव लड़ रहे हैं। एक महिला प्रत्याशी प्रियंका ने नाम वापस ले लिया था। इसके बावजूद एआरओ द्वारा उसका नाम वापस नहीं दर्शाया जाने के कारण 11 अप्रैल को सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए थे। बाद में गलती का एहसास होने पर फिर से प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किया गया।
चुनाव चिह्न आवंटित होने के बाद ही प्रत्याशियों ने अपनी चुनाव सामग्री छपवा कर अपना प्रचार शुरू कर दिया था। मंगलवार को मामले का खुलासा होने पर संबंधित एआरओ को अपनी गलती का एहसास हुआ। जिसकी जानकारी उसने आरओ को दी। जिस पर आरओ द्वारा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को विकास खंड कार्यालय बुलाकर मामले से अवगत कराकर दोबारा चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। जिस पर प्रत्याशियों ने रोष जताया। प्रत्याशी सचिन कुमार व रोहताश कुमार ने बताया कि हम लोगों ने चुनाव सामग्री छपवा ली है। चुनाव चिह्न बदले जाने से हजारों रुपयों की चुनाव सामग्री बेकार हो गई है। इस संबंध में आरओ आरके श्रीवास्तव का कहना है कि संबंधित एआरओ सतीश कुमार की गलती से ऐसा हुआ है।