शुक्रताल मेले में लगा भीम आर्मी का शिविर।
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शुक्रताल मेले में भीम आर्मी और जय सिंधु संघ के कैंप के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस को अंबेडकर चौराहे पर भीम आर्मी या उससे जुडे़ संगठन का कोई व्यक्ति नहीं मिला, लेकिन चंदा एकत्र करने के लिए रखे गए डिब्बे मिले। कुछ पंफलेट भी बरामद हुए। पुलिस ने कैंप को उखाड़ दिया और डब्बे तोड़फोड़ कर फेंक दिए।
धार्मिक नगरी शुक्रताल में इस समय गंगा स्नान मेला चल रहा है। मेले में शनिवार शाम भीम आर्मी और जय सिंधु संघ नाम के संगठन से जुड़े कुछ दलितों ने अंबेडकर चौराहे पर कैंप लगा दिया। इस कैंप में सहारनपुर के दलितों की आर्थिक सहायता के लिए चंदा एकत्र करने के लिए दो डिब्बे (दानपात्र) रखे गए। बाकायदा डिब्बों पर लिखा भी गया कि यह सहारनपुर के पीड़ितों के लिए चंदा है।
इसी के साथ पंफलेट भी वितरित किए गए, जिसमें भीम आर्मी की लड़ाई का समर्थन करते हुए चंद्रशेखर के हाथ मजबूत करने की बात कही गई। पंफ्लेट के जरिए दलितों पर अत्याचार के विरुद्ध 14 जून को मुजफ्फरनगर के रथेड़ी पशु पैंठ मैदान में चंद्रशेखर के हाथ मजबूत करने के लिए दलितों से पहुंचने का आह्वान किया गया है। शुक्रताल में भीम आर्मी के समर्थन में लगे कैंप के फोटो कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।
कुछ ही देर में यह मामला तेजी के साथ छा गया। पुलिस प्रशासन के अफसरों ने जब देखा कि भीम आर्मी का कैंप लगा है, तो उनके होश उड़ गए। जिले में बैठे अफसरों ने अधीनस्थों को हड़काया। सीओ भोपा अकील अहमद भारी पुलिस बल के साथ शुक्रताल के अंबेडकर चौराहे पर पहुंचे, जिस समय पुलिस पहुंची, वहां केवल चंदा एकत्र करने के लिए दो डिब्बे रखे मिले। पुलिस ने आनन-फानन में कैंप को नष्ट करते हुए चंदा एकत्र के डिब्बों को भी उठाकर फेंक दिया।
पंफलेट भी पुलिस ने नष्ट कर दिए। पुलिस को मौके पर कोई नहीं मिला। जिस स्थान पर कैंप लगा था, उसके आसपास दलित समाज के लोगों के आश्रम और धर्मशाला हैं। यहां बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग आते हैं। पुलिस प्रशासन इस बात से भी सहमा हुआ है कि कोई बवाल न हो जाए। पुलिस अधिकारी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। खुफिया विभाग को भी अलर्ट किया गया है।