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मासूम के डीएनए टेस्ट के लिए डीएम ऑफिस पर डेरा

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बच्चे के डीएनए टेस्ट की मागं को लेकर डीएम आफिस पर बैठे रोहिनी हरजीपुर के ग्रामीण। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। नर्सिंग होम में बच्चा बदले जाने के आरोप में डीएनए टेस्ट के लिए परिवार डीएम ऑफिस पहुंच गया। सैंपल लिए जाने की मांग के लिए परिवार के सदस्य काफी देर तक बैठा रहा। सिटी मजिस्ट्रेट अनूप कुमार ने दो दिन में समाधान कराने का भरोसा दिया, जिसके बाद परिवार वापस अपने गांव लौट गया।
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भाकियू नेता विकास शर्मा और रोनी हरजीपुर निवासी राज सिंह नवजात और ग्रामीणों के साथ सोमवार को डीएम ऑफिस पर पहुंचे। काफी देर तक कार्यालय के बाहर बैठे रहे। भाकियू नेता ने बताया कि प्रशासन ने सात दिन पहले नवजात का डीएनए टेस्ट कराने का भरोसा दिया था, लेकिन अभी तक सैंपल नहीं लिया गया है। उन्होंने मोबाइल पर डीएम चंद्रभूषण सिंह से बात की। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट अनूप कुमार मौके पर पहुंचे और परिवार को अपने कार्यालय में ले गए। काफी देर तक दोनों पक्षों में बातचीत हुई। दो दिन में समाधान निकालने का भरोसा दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि परिवार ने जांच के लिए प्रार्थना पत्र दिया है, जिसकी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कराई जाएगी।
क्या है मामला
रोनी हरजीपुर निवासी राज सिंह का कहना है कि वह अपनी पत्नी आरती को प्रसव पीड़ा के चलते 18 फरवरी को घर से लेकर चले थे। रास्ते में प्रसव हो गया और पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। नवजात को गिर जाने के कारण चोट लग गई थी। पत्नी को शामली रोड स्थित अस्पताल में भर्ती कराया और नवजात को शहर के सदर बाजार स्थित नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। पत्नी की हालत खराब होने के कारण उसे मेरठ में उपचार के लिए ले गए। उपचार के बावजूद 28 फरवरी को उसकी पत्नी की मौत हो गई। इस दौरान नवजात सदर बाजार के अस्पताल में ही भर्ती रहा। 13 मार्च को वह बच्चे को डिस्चार्ज कराकर घर ले गए। लेकिन रात के समय पता चला कि उन्हे लड़के की जगह लड़की दे दी गई है। इसके बाद 14 मार्च को ग्रामीणों ने नर्सिंग होम पर हंगामा किया था। तय हुआ था कि नवजात का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा, लेकिन अभी तक सैंपल नहीं लिया गया है।
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