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उपचुनाव: मीरापुर सीट रालोद के हिस्से में जाते ही भाजपा नेताओं को झटका, जाट नेता जता रहे दावेदारी

Wed, 09 Oct 2024 05:50 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

मीरापुर में उपचुनाव को लेकर सियासी उठा पटक शुरू हो गई है। इस सीट के रालोद के खाते में जाते ही भाजपा के खेमे में खलबली मची हुई है। वहीं रालोद के कई जाट नेता टिकट की दावेदारी जता रहे हैं।
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उपचुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मीरापुर उपचुनाव के लिए रालोद के रणनीतिकार दावेदारों का पैनल बनाने की कवायद में जुट गए हैं। गठबंधन में सीट रालोद के हिस्से में आने के बाद टिकट की दावेदारी कर रहे भाजपा नेताओं को झटका लगा है। रालोद से बिजनौर के सांसद चंदन चौहान की पत्नी यशिका चौहान भी टिकट के दावेदारों में प्रमुखता से आगे आई हैं।

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पूर्व सांसद राजपाल सैनी और पूर्व विधायक मिथलेश पाल वर्तमान में भाजपा में सक्रिय हैं। दोनों मीरापुर के टिकट के दावेदारों में शामिल थे। भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री अमित राठी, मीरापुर के पूर्व चेयरमैन नवीन सैनी, ब्लॉक प्रमुख अमित कुमार, पूर्व विधायक विक्रम सैनी अपने बेटे प्रभात सैनी के लिए दावेदारी कर रहे थे। मगर सीट रालोद को मिल जाने से भाजपा के दावेदारों को झटका लगा है।
 

रालोद में पूर्व सांसद मलूक नागर अपने बेटे अक्षय नागर के लिए टिकट की पैरवी कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री एवं रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह से मुलाकात भी हो चुकी है। सियासी गलियों में यशिका चौहान का नाम भी तेजी से चर्चा में आया है। पाल समाज से टिकट के दावेदारों में रामनिवास पाल का नाम भी जोर पकड़ रहा है। रालोद का एक धड़ा यहां पर अति पिछड़ा वर्ग के उम्मीवार को टिकट की पैरवी कर रहा है।

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रालोद के जाट नेता भी खूब कर रहे दावा
रालोद के जाट नेता भी मीरापुर सीट पर दावा कर रहे हैं। इनमें जिलाध्यक्ष संदीप मलिक, पूर्व जिलाध्यक्ष अजीत राठी, मंडलाध्यक्ष प्रभात तोमर, युवा नेता संजय राठी दावा कर चुके हैं।
 
नवाजिश के साथ गज्जू पठान का नाम भी
मीरापुर में रालोद से मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट देने की गुंजाइश कम नजर आ रही है, लेकिन पूर्व विधायक नवाजिश आलम और जिला पंचायत सदस्य गज्जू पठान का नाम भी अल्पसंख्यक कोटे से जोर पकड़ रहा है।
 
गठबंधन में रालोद से ज्यादा भाजपा में थे दावेदार
मीरापुर सीट के टिकट के लिए गठबंधन में रालोद से ज्यादा भाजपा में दावेदार थे। असल में पिछले दिनों दोनों दलों की संयुक्त बैठक में टिकट के नामों पर साझा चर्चा हुई थी। इसमें भाजपा से करीब 14 नामों की सूची बनीं थी, जबकि रालोद के 10 नाम ही रह गए थे।
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