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अवध विहार में धमाके के साथ फटा सिलिंडर

Mon, 28 May 2018 12:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
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accident - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। नई मंडी क्षेत्र की अवध विहार कॉलोनी में शनिवार देर रात एक किसान के मकान में रखा गैस सिलेंडर अचानक धमाके के साथ फट गया। दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई तथा मकान में आग लग गई। आग में किसान के सात पशु झुलस गए। घटना से इलाके में दहशत फैल गई। मोहल्ले वाले मकानों से बाहर निकल आए। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को दस हजार की आर्थिक सहायता दी गई। साथ ही गैस एजेंसी की ओर से नया सिलिंडर आदि सामान दिया गया।
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यह हादसा शनिवार रात करीब दो बजे एटूजेड रोड स्थित अवध विहार निवासी राजेंद्र के घर पर हुआ। किसान राजेंद्र रात में परिजनों के साथ मकान की छत पर सोया हुआ था, तभी अचानक तेज धमाके साथ नीचे मकान में रखा गैस सिलेंडर फट गया। तुरंत ही मकान में आग लग गई। आग ने छप्पर और भूसे के कमरे को चपेट में ले गया। छप्पर में किसान की बंधी चार भैंस, एक गाय, दो बछडे आग की चपेट में आ गए। सिलिंडर फटने से मकान की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई।

अचानक तेज धमाके के साथ सिलेंडर फटने से इलाके में दहशत फैल गई। मोहल्ले में जाग हो गई। राजेंद्र के मकान में आग लगी देख कर अफरातफरी मच गई। सूचना मिलने पर नई मंडी पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों ने परिजनों और पशुओं को कड़ी मशक्कत कर बाहर निकाला, मगर तब तब सात पशु बुरी तरह से झुलस गए थे।
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पुलिस ने फायर ब्रिगेड को खबर दी। फायर ब्रिगेड ने मौके पर आकर कई घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। जानकारी होने पर राजस्व निरीक्षक सतेंद्र कुमार ने मौके पर जाकर हादसे की जानकारी ली। आग से मकान का सामान भी जल गया। प्रशासन की ओर से पीडित किसान को दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। गैस एजेंसी वालों से बुला कर नया सिलिंडर और अन्य सामान भी दिया गया। पीडित किसान ने बताया कि आग से कई लाख का नुकसान हुआ है।  

एक दिन पहले ही खरीदा था सिलिंडर
मुजफ्फरनगर। राजेंद्र ने बताया कि उसने एक दिन पहले ही नया सिलेंडर खरीदा था। सिलेंडर नीचे मकान में रखा था। वह अचानक कैसे फटा इसकी जानकारी नहीं है।

तो बड़ा हादसा हो जाता
मुजफ्फरनगर। हादसा जब हुआ, उस समय राजेंद्र और उसके परिवार के पांच सदस्य मकान की छत पर सोए हुए थे। गर्मी अधिक होने के कारण परिजन मकान की छत पर सोने गए थे। वैसे कुछ परिजन नीचे मकान में भी सोते है, मगर शनिवार रात को अचानक बिजली चले जाने और गर्मी के कारण परिजन मकान की छत पर चले गए थे। यदि परिजन नीचे मकान में सोए होते तो बड़ा हादसा हो जाता। 
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