शराब ठेके के विरोध में हंगामा करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
मंसूरपुर के गांव बोपाड़ा की महिलाओं ने शराब का ठेका बंद कराने की मांग को लेकर बखेड़ा खड़ा कर दिया। महिलाएं जाम लगाकर धरना देकर बैठ गईं। इस दौरान सेल्समैन शराब का ठेका बंद कर जान बचाकर भाग निकले। मौके पर पहुंचे कानूनगो व लेखपाल ने पुलिस की मौजूदगी में शराब ठेका का निर्माण स्थल से मंदिर व स्कूल की दूरी की नपाई की। पुलिस ने इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन देकर महिलाओं को शांत किया। महिलाओं ने करीब दो घंटे बाद जाम खोला।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक अप्रैल को प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश में हाईवे से सभी शराब के ठेके बंद करा दिए थे। ठेकेदारों ने हाईवे से ठेका बंदकर मंसूरपुर पैंठ में खोलने की कोशिश की थी, जिसका व्यापारियों ने विरोध करते हुए दो दिन तक धरना-प्रदर्शन किया था। एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता ने ठेकेदारों से पैंठ में ठेका खोलने से इंकार कर दिया था। अब इन ठेकेदारों ने मंसूरपुर व बोपाड़ा रोड पर एक किसान की नलकूप में अस्थायी शराब का ठेका खोल दिया है।
पास ही किसान से दुकान बनाने के लिए जमीन खरीदकर उस पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। रविवार को महिलाओं ने शराब का ठेका व निर्माण कार्य बंद कराने की मांग को लेकर जाम लगा दिया था। पुलिस ने उस वक्त ठेका बंद कराते हुए निर्माण कार्य को रुकवा दिया था। मंगलवार को गांव की महिलाओं को पता चला कि ठेकेदारों ने शराब का ठेका खोलना शुरू कर दिया है। महिलाएं एकत्र होकर तहसील में पहुंची। तहसील में एसडीएम व तहसीलदार नहीं मिले।
तहसील में मिले कानूनगो गुलजारी लाल व लेखपाल अनिल सिंह ने तीन बजे मौके पर पहुंचे का आश्वासन दिया। महिलाएं तहसील से सीधे ठेका के पास पहुंची। महिलाओं ने ठेका नहीं खोलने देने की मांग को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। गुस्साई महिलाओं ने मंसूरपुर व बोपाड़ा मार्ग पर जाम लगा दिया और धरना देकर बैठ गईं। महिलाओं का गुस्सा भांपकर सेल्समैन शराब का ठेका बंद कर जान बचाकर भाग निकले।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। कानूनगो व लेखपाल भी मौके पर पहुंच गए थे। कानूनगो व लेखपाल ने जहां पर निर्माण कर ठेका बनाया जा रहा है, उसके बीच की दूरी मंदिर तक नापी। नपाई करने पर यह दूरी 147 मीटर निकली। इसके बाद स्कूल के बीच की दूरी नापी। यह दूरी स्कूल से 34 मीटर निकली। नपाई करने के बाद पुलिस ने इस संबंध में अधिकारियों को जानकारी देने और दो दिन तक निर्माण रोकने और ठेका नहीं खोलने देने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर महिलाओं ने दो घंटे बाद जाम खोला।