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गुड़ को कृषि उत्पाद घोषित कर जीएसटी से मुक्त कराएंगे: बालियान

Sun, 09 Jun 2019 12:23 AM IST
Deepak Sharma मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
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Gur mandi - फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर। केंद्रीय पशुधन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि गुड़ को कृषि उत्पाद घोषित कराकर जीएसटी से मुक्त कराने की कोशिश करेंगे। गुड़ मंडी के व्यापार और कोल्हुओं को बचाने के लिए जिला प्रशासन को गुड़ माफिया का खात्मा करना होगा। गुड़ पर मंडी शुल्क और कोल्हुओं पर बिजली की दरें कम कराने के लिए जिले के सभी विधायकों को एकजुट होकर मुख्यमंत्री के सामने एक प्रस्ताव को रखना होगा। इसमें वह भी मदद करेंगे।
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शनिवार को श्रीराम कॉलेज में आयोजित गुड़ महोत्सव में मुख्य अतिथि केंद्रीय पशुधन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि चुनाव आचार संहिता के कारण गुड़ महोत्सव में देरी हुई है। यह महोत्सव फरवरी-मार्च में होता तो अलग ही बात होती। हमारे जिले की पहचान गन्ना, गुड़, पेपर एवं लोहा इंडस्ट्री है।

गुड़ का व्यापार यहां व्यापारी और कोल्हू चलाने वालों के लिए घाटे का सौदा बनता जा रहा है। गुड़मंडी और कोल्हुओं को बचाने के लिए जिले से गुड़ माफिया को खत्म करना होगा। संजीव बालियान ने जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय और एसएसपी सुधीर सिंह से कहा कि वे अभियान चलाकर गुड़ माफिया को खत्म करें। मंडी समिति के अधिकारी और कर्मचारी गुड़ माफिया से मिले हैं। इन्हीं की मिलीभगत से गुड़ माफिया टैक्स चोरी कर रहे हैं। गुड़ को मंडियों तक आने ही नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि गुड़ व्यापारियों की गुड़ को कृषि उत्पाद घोषित करने की मांग को सरकार से जल्द ही पूरा कराया जाएगा और गुड़ को जीएसटी से मुक्त कराया जाएगा।
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बालियान ने कहा कि प्रदेश सरकार से मंडी टैक्स खत्म करने और कोल्हुओं को सस्ती बिजली दिए जाने को लेकर जिले के सभी विधायक एकजुट होकर मुख्यमंत्री से मिलकर उनके सामने पूरा मामला रखें। मेरा भी पूरा सहयोग रहेगा। कोल्हुओं पर बिजली की रेट बहुत ज्यादा है, इससे कोल्हू संचालक घाटे में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में जब वह मंत्री रहे, तो उन्होंने दो चीजों पर काम करने पर जोर दिया था। इसमें एक तो आधुनिक तकनीकी का कोल्हू और एक अन्य खाद्य पदार्थों की तरह गन्ने के रस की पैकेजिंग हो। इसमें एक चीज पर सफलता मिल गई है। आधुनिक तकनी पर आधारित तकनीकी का कोल्हू बाजार में आ गया है। जिला प्रशासन इस तरह की कार्ययोजना तैयार करे कि जिले में कम से कम 100 कोल्हू आधुनिक तकनीक के लगें। कोल्हू लगाने के लिए इच्छुक युवाओं को बैंक से लोन कराएं।

2018-19 में हुआ 135 करोड़ का व्यापार
मुजफ्फरनगर। एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी मुजफ्फरनगर में इस वर्ष गुड़ का कुल भंडारण 13 लाख 50 हजार कट्टों का हुआ है। जिले में मंडी के रिकार्ड के अनुसार लगभग 135 करोड़ का कुल व्यापार हुआ है।
गुड़ मंडी एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी ने बताया कि मंडी में गुड़ का व्यापार 40 किलो के गुड़ के कट्टे के हिसाब से होता है। 2018-19 में इस बार गुड़ का कुल भंडार 13 लाख 50 हजार कट्टों का हुआ है। बीते वर्ष से इस बार एक लाख कट्टों का अधिक भंडारण हुआ है। इसके चलते मंडी में गुड़ का कुल व्यापार 135 करोड़ का हुआ है। कोल्ड स्टोरेज में जो गुड़ रखा जाता है, व्यापारी डिमांड के हिसाब से उसकी निकासी करता रहता है। यहां से गुड़ की सबसे ज्यादा डिमांड गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्विचमी बंगाल में है। इनके अलावा पूरे देश के व्यापारियों के पास भी यहां से गुड़ जाता है।

दस जून तक चलेगा गुड़ महोत्सव
मुजफ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज में गुड़ महोत्सव दस जून तक चलेगा। दूसरे दिन रविवार यानि आज का विषय रहेगा ‘गुड़ उद्योग: संसाधन एवं तकनीक’ रहेेगा। गन्ने का उत्पादन एवं उन्नतशील प्रजातियां, बुवाई की विधियां एवं बीमारियों की रोकथाम के बारे में बताया जाएगा। प्रदेश के गन्ना राज्य मंत्री सुरेश राणा मुख्य अतिथि होंगे। अंतिम दिन सोमवार दस जून को ‘गुड़ उत्पादन, विपणन एवं वितरण प्रणाली’ विषय रहेेगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना होंगे।

गुड़ की गुणवत्ता और उत्पादन पर ध्यान दें
मुजफ्फरनगर। दि गुड़ खांडसारी एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जिले में गुड़ की गुणवत्ता और उत्पादन पर ध्यान देने की जरूरत है। गुड़ महोत्सव की सफलता तभी मानी जाएगी जब सरकार गुड़ के उत्पादन से लेकर व्यापार तक पर ध्यान दें। नई तकनीकी के माध्यम से पैकेजिंग और नए प्रकार के गुड़ का उत्पादन होना चाहिए। एसोसिएशन ने गुड़ को कृषि उत्पाद घोषित करने और जीएसटी हटाने के साथ मंड़ी शुल्क समाप्त करने, समानांतर अवैध मंडियों को समाप्त करने, ट्यूबवेल कनेक्शन पर कोल्हू चलाने की अनुमति देने, मंडी व्यापारियों को पार्टनरशिप की अनुमति देने की मांग रखी। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान और भाजपा विधायकों के सामने मांग रखने वालों में एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल, मंत्री श्याम सिंह सैनी, सुरेंद्र बंसल, हरिशंकर मूंधडा, संजय मिश्रा, मनीष चौधरी, राजेश गोयल, श्याम सुंदर बेडिया, कृष्णचंद मूंधडा, संदीप बंसल आदि मौजूद रहे।
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