निवेश और सेविंग में लोगों का रुझान घटेगा
सीए हरिमोहन गर्ग ने कहा कि बजट में कुछ खास नहीं आया है। कुछ लोगों को ही लाभ पहुंचेगा है। लोगों का निवेश और सेविंग की ओर रुझान नहीं बढ़ेगा। नई स्कीम में इंवेस्टमेंट में कोई छूट नहीं दी गई। कैपिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अच्छा काम किया है। इसके लिए 10 हजार करोड़ की घोषणा की गई।
शिक्षकों के लिए बजट में कुछ खास नहीं
जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजीव बालियान ने कहा कि शिक्षकों के लिए बजट बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। शिक्षकों के टैक्स में छूट होनी चाहिए थी। हमारा पूरा वेतन टैक्स में ही चला जाता है। एक ही टैक्स दो-तीन बार देना पड़ता है। इसलिए शिक्षकों के लिए बजट लाभदायक नहीं है। हालांकि कई जगह बजट ठीक भी रहा।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बज़ट बढ़ाने से व्यापार को लाभ
आईआईए के चेयरमैन विपुल भटनागर ने कहा कि बजट अच्छा रहा है। इसमें एमएसएमई के लिए नौ हजार करोड़ का बजट है। डिजिटलाइजेशन से काम आसान होगा और भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर पर बजट बढ़ाने से व्यापार को लाभ होगा।
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ग्रामीण उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा बजट
अर्थशास्त्र की विभागाध्यक्ष सुषमा सैनी ने कहा कि बजट ग्रामीण उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बजट में पीएम प्रणाम योजना, अमृत धरोहर योजना, अन्न योजना किसानों पर फोकस की गई है। इस बार खेती को बढ़ाने के साथ-साथ गांवों में खेती से जुड़े रोजगारों को बढ़ाने पर जोर दिया गया।
पेंशनर्स के लिए छूट होगी लाभदायक
सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. कलम सिंह ने कहा कि बजट में पेंशनर्स के लिए जो छूट दी गई है, उसका सभी को लाभ मिलेगा। सात लाख रुपये तक जो छूट दी गई है, इसका आम कर दाता को ज्यादा लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए बजट ठीक-ठीक सा रहा है।
उद्योग के लिए कोई राहत नहीं
उद्यमी रघुराज गर्ग ने कहा कि बजट में उद्योग के लिए कोई राहत नहीं है। सर्विसमेन को राहत दी गई है। बजट में ऐसी कोई खास बात नहीं दी गई है। एक्सपोर्ट पॉलिसी का भी कोई जिक्र नहीं किया गया है। बजट को लेकर सभी उद्योगों में निराशा है।
सभी वर्ग को बजट से लगी निराशा हाथ
रालोद के राष्ट्रीय सचिव रमा नागर ने कहा कि बजट सभी वर्गों के लिए खुशी देने वाला नहीं है। इससे निराशा हाथ लगी है। किसानों की आय दोगुनी करने वाली योजना बजट में नहीं है। युवाओं के नए रोजगार की कोई गारंटी नहीं दिखाई दे रहीं हैं। महिलाओं के लिए कोई लाभ नहीं हो रहा है। उन्हे भी इस बजट से निराशा हाथ लगी है।