बुढ़ाना। आगामी विधान सभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों में टिकटों को लेकर गुणाभाग शुरू हो गई है। बसपा ने पहल करते हुए बुढ़ाना विधान सीट पर मुसलिम प्रत्याशी को फाइनल कर दिया है।
सोमवार को आए राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने स्पष्ट कर दिया है कि बुढ़ाना से नईम मलिक की पार्टी प्रत्याशी रहेंगे। बसपा के मुस्लिम कार्ड खेले जाने से दूसरे दल भी इसका तोड़ ढूंढने में जुट गए हैं।
वर्ष 2017 के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों में मंथन शुरू हो गया है। कहां से किस जाति और किस वर्ग को टिकट दिया जाए, इस पर रस्साकसी चल रही है। वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में बुढ़ाना विधानसभा में बाहर से आए सपा के मुस्लिम प्रत्याशी नवाजिश आलम ने स्थानीय जाट प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक राजपाल बालियान को 10 हजार से अधिक वोटों से पराजित किया था।
इसी जातिगत आधार पर बसपा ने भी दूसरे राजनीतिक दलों से पहले अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी। बसपा ने मुस्लिम कार्ड खेलते हुए कस्बा निवासी युवा नईम मलिक को अपना प्रत्याशी बनाया है। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सोमवार को कस्बे में एक जनसभा में नईम मलिक को प्रत्याशी घोषित करते हुए उसे जिताने की अपील तक कर डाली। पिछले विधानसभा चुनाव में बुढ़ाना विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 3 लाख 27 हजार थी।
जिनमें करीब 1 लाख 18 हजार मुस्लिम मतदाता, 56 हजार जाट, 40 से 50 हजार के बीच एससी मतदाताओं की संख्या थी। इस अनुपात
में मुस्लिम मतदाताओं में तीव्र वृद्धि हुई है। इस सीट पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। कस्बा निवासी नईम मलिक और उसके परिवार का मेरठ में ठेकेदारी का कारोबार है।