मुजफ्फरनगर। कूड़ा निस्तारण के लिए किदवई नगर में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने प्लांट तक रास्ते की भूमि खरीद और काली नदी के अधूरे पुल का निर्माण पूर्ण कराने के लिए पांच करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है। बजट आवंटित न होने से काली नदी पर पुल का निर्माण डेढ़ वर्ष से लटका हुआ था।
तीन साल पहले नगर पालिका से अनुबंध कर नीदरलैंड की कंपनी की ओर से किदवई नगर में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापना का खाका खींचा गया। प्लांट में प्रतिदिन 750 टन ठोस कचरा और 300 टन प्लास्टिक कचरा का उपयोग कर प्रतिदिन 30 मेगावाट बिजली का उत्पादन प्रस्तावित है।
प्लांट के लिए किदवई नगर में 28.466 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। लेकिन आवश्यक मशीन प्रतिस्थापित कराने के लिए प्लांट तक रास्ते की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। कंपनी की मांग पर नगर पालिका की ओर से सेतु निगम के माध्यम से काली नदी पर पुल निर्माण और अप्रोच रोड के लिए शासन से 16 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए गए।
इसके सापेक्ष शासन से प्राप्त चार करोड़ की धनराशि से सेतु निगम ने पुल निर्माण प्रारंभ कराया। लेकिन शासन से धन आवंटन में आई रुकावट के चलते पुल और सड़क निर्माण का काम डेढ़ वर्ष से अधर में लटका है।
आठ करोड़ के सापेक्ष पांच करोड़ रुपये का आवंटन
नगर पालिका ईओ डॉ.प्रज्ञा सिंह ने बताया कि काली नदी पर पुल निर्माण और रास्ते के लिए भूमि क्रय करने को शासन से आठ कराेड़ रुपये की मांग की गई थी। जिसके सापेक्ष पांच करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही काली नदी पर अधूरा पड़ा पुल निर्माण पूर्ण कराया जाएगा। इसके साथ ही सुजड़ू में रास्ते के लिए भूमि भी क्रय की जाएगी।