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गेंदबाज हर्ष की स्पिन का चला जादू, यूपी को मिली 69 रन की बढ़त

Wed, 09 Jan 2019 12:24 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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मैच के दौरान बॉलिंग करता गेंदबाज। - फोटो : अमर उजाला
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कूच बिहार ट्राफी अंडर-19 के मैच में यूपी के बल्लेबाज अधिक लीड नहीं ले पाए। पहली पारी में विदर्भ के 177 रन के जवाब में यूपी की टीम 246 रन बना कर आउट हो गई। केवल 69 रन की बढ़त ले पाई। विदर्भ के गेंदबाज हर्ष ने अपनी स्पिन गेंदों में यूपी के बल्लेबाजों को बेहतरीन तरीके से उलझा कर विकेट पर जमने का मौका ही नहीं दिया। दुबे ने 33 ओवर में 6 विकेट लेकर यूपी को बड़े स्कोर से रोक दिया। दूसरे दिन का खेल समाप्त होते तक विदर्भ ने दूसरी पारी में दो विकेट के नुकसान पर 113 बना लिए हैं।
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चौधरी चरणसिंह जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में एमसीए के निर्देशन में चल रहे यूपी और विदर्भ के मैच में दूसरे दिन भी गेंदबाजों की धाक रही। यूपी टीम ने मंगलवार सुबह दो विकेट पर 101 रन के स्कोर से आगे खेलना प्रारंभ किया। बल्लेबाज अंश यादव ने पिच पर टिक कर शानदार बैटिंग की। शिवम शर्मा 15 रन बना कर आउट हो गए। उसके बाद अंश ने धु्रव सी जेरल (21 रन) तथा समीर चौधरी (46 रन) के साथ अच्छी साझेदारी की। एक वक्त टीम का स्कोर छह विकेट पर 234 रन हो चुका था।

खिली धूप में उम्मीद थी कि यूपी बड़ा स्कोर बना लेगी, तभी विदर्भ के कप्तान यश कदम ने अपने स्पीनर हर्ष को गेंद थमाई। धूप में हार्ड हो चुकी पिच पर दूबे की स्पिन गेंद घूूमने लगी। अंश यादव के जोड़ीदार धु्रव जेरल को 21 रन पर दूबे ने अपनी की गेंद पर कैच कर लिया। समीर चौधरी विकेट पर जम चुके थे। उसे भी हर्ष ने एलबीडब्ल्यू ऑउट किया। 72 रन की पारी खेल चुके यूपी के अंश यादव भी हर्ष का शिकार बना। उस वक्त यूपी का स्कोर 246 रन था, लेकिन एक सिरे पर हर्ष दूबे ने लगातार विकेट लिए।
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उसने पूर्णांक त्यागी, मोहित जांगड़ा को भी कैच ऑउट करा दिया। पूरी टीम 246 के स्कोर पर ही सिमट गई। यूपी के अंतिम पांच विकेट केवल 25 रन में ही गिर गए। विदर्भ पर यूपी को केवल 69 रन की बढ़त ही मिल पाई। विदर्भ के तेज गेंदबाज दुष्यंत टेकन ने 19 ओवर में 3 विकेट लिए, जबकि एक विकेट रोहित दत्तात्रेय को मिला।  

विदर्भ की दूसरी पारी में ओपनिंग बल्लेबाज संकेत खेडकर को सिर्फ 2 रन पर मध्यम गति के गेंदबाज मोहित जांगडा ने बोल्ड कर दिया। हालांकि दूसरे छोर पर मंदार मेहले ने बखूबी बल्लेबाजी की और शानदार स्ट्रोक लगाए। मेहले ने ए मोखडे के साथ मिल कर टीम का स्कोर 109 पर पहुंचा दिया। यूपी के बॉलर सूर्यकांत चौहान ने यह जोड़ी तोड़ी। उसने आर्यन शर्मा के हाथों मोखडे को 52 रनों पर आउट किया। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर मंदार मेहले 46 बना कर हर्ष दूबे के साथ क्रिज पर डटे थे। विदर्भ 113 रनों पर दो विकेट खो चुकी है।

घरेलू क्रिकेट में उनके किस्से बयां करते हैं खिलाड़ी
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की जूनियर क्रिकेट चयन समिति के सदस्य एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ज्ञानेंद्र पांडे ने यूपी के लिए रणजी ट्राफी में 100 से अधिक प्रथम श्रेणी मैच खेले। उनकी कप्तानी में घरेलू क्रिकेट में कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ने सफलता की राह पाई। आज भी उनके किस्से क्रिकेटरों की जुबां पर रहते है। उन्होंने अपने स्कूटर पर ही ड्राईवर रख लिया था।

स्पोट्र्स स्टेडियम में अंडर-19 यूपी के खिलाड़ियों के खेल का जायजा लेने लखनऊ से आए ज्ञानेंद्र पांडे यूपी के घरेलू क्रिकेट में पहली पंक्ति के खिलाड़ियों में रह चुके हैं। यूपी रणजी टीम के चयनकर्ता का जिम्मा भी उन्हीं के पास है। वर्ष 2006 में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। फिलहाल वह देश की जूनियर क्रिकेट चयन समिति में सेंट्रल जोन के प्रतिनिधि हैं।

उनकी कप्तानी में खेले क्रिकेटर उनकी बातें नहीं भूलते। आस्ट्रेलिया में भारतीय टीम के अंतिम मैच में कमेेंट्री कर रहे पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा और बल्लेबाज मोहम्म्मद कैफ ने ज्ञानेंद्र पांडे के अंदाज की खूब चर्चा की। जिक्र हुआ तो पंाडे ने बताया कि वह लखनऊ में बैंक में नौकरी करते थे। ड्यूटी के बाद वेस्पा स्कूटर से क्रिकेट खेलने जाते थे। एक दिन सड़क पर स्कूटर आगे से खड़ा हो गया, डर के मारे उन्होंने स्कूटर पर ही ड्राईवर रख लिया। उनकी यह बात भी सुर्खियां में रही कि वे साथी क्रिकेटरों से कहते थे कि दिमाग बादाम खाने से नहीं आता, बल्कि धोखा खाने से आता है।

मौहम्मद कैफ ने जब अपना पहला रणजी ट्राफी मैच खेला तो दूसरे सिरे पर पांडे बल्लेबाजी कर रहे थे। खुद कैफ गाहे बगाहे इस बात को बताते हैं। पांडे ने कहा, कैफ विकेट के बीच तुम मुझे देख कर ही रन लेना, क्योंकि मैं आपके तरीके से पिच के बीच तेज नहीं दौड़ता। घरेलू क्रिकेट की पुरानी यादों पर ज्ञानेंद्र पांडे ने कई किस्से सुनाए। यूपीसीए के सचिव युद्धवीर सिंह, एमसीए सचिव मनोज पुंडीर, पूर्व रणजी खिलाड़ी सुरेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।

विजय मर्चेट ट्राफी में की थी रिकार्ड बल्लेबाजी
कूच बिहार ट्राफी के अहम मैच में यूपी के बल्लेबाज अंश यादव ने 72 रन की सबसे बड़ी पारी खेली। गेंदबाजों के मददगार पिच पर उनकी बल्लेबाजी दमदार रही। उन्हीं के दम पर यूपी टीम पहली पारी में 246 रन का स्कोर कर पाई। लखनऊ के बाशिंदे अंश ने विजय मर्चेंट अंडर-16 ट्राफी में महाराष्ट्र के खिलाफ यूपी टीम की ओर से 269 रन की पारी खेल कर राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थी। मध्य प्रदेश के खिलाफ उसके 157 रनों की बदौलत यूपी को जीत मिली थी।

वह लखनऊ की धु्रव क्रिकेट अकादमी में खेलते है। लखनऊ के तेलीबाग के सर्वांगीण विकास विद्यालय में कक्षा 11 के छात्र अंश यादव ने वर्ष 2010 में बल्ला थामा था। उसके पिता आर के यादव रेलवे में टीटीई है। परिवार उन्हें हॉकी खिलाड़ी बनाना चाहता था, लेकिन अंश की दिलचस्पी क्रिकेट में थी। केडी सिंह बाबू स्टेडियम में उसने बल्लेबाजी की बारीकियां सीखी। पूर्व रणजी क्रिकेटर दीपक यादव उसके कोच है। मैदान पर मैच के दौरान कवर और प्वाइंट में शॉट्स खेलने में उसे महारत है। अंश यादव कहते है कि घेरलू क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी कर अपनी पहचान बनाना ही उसका लक्ष्य है।

हर्ष ने दी सुनहरे कल की दस्तक
मुजफ्फरनगर। विदर्भ के ऑलराउंडर हर्ष दूबे ने सुनहरे कल की उम्मीदें जगा रखी है। यूपी के खिलाफ मैच में अपनी स्पिन गेंदों पर 6 विकेट लेकर नागपुर के होनहार क्रिकेटर ने अपनी प्रतिभा दिखाई है। कूच बिहार ट्राफी में बडौदा और छत्तीसगढ़ के खिलाफ दो शतक लगाए, जबकि मुंबई के विरुद्ध 85 रनों की उम्दा पारी खेली। अभी तक के सात मैचों की नौ पारियों में दूबे 375 रन बना चुके है। सात मैचों में 20 विकेट उनके खाते में है। यूपी को बड़ा स्कोर करने से रोकने में दूबे की अहम भूमिका रही। दूबे अपने प्रदर्शन से चहके नजर आए। बकौल, उनके तेज धूप के कारण विकेट हार्ड हो गई, जिस पर स्पिन गेंदबाजी करने में लाभ मिला।
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