फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पलक झपकते ही खुशियां हुईं काफूर, हरिद्वार से लौट रहे थे दोनों परिवार    

Wed, 05 Jul 2017 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
हादसे के बाद मृतकों के घर पर लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नेशनल हाईवे पर मंसूरपुर के पास जड़ौदा के पास हुई कार दुर्घटना में दो परिवारों के चार लोगों की  मौत से दो परिवारों के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। पलक झपकते ही खुशियां काफूर हो गई। कस्बे में जिसे भी हादसे का पता चला वो ही घटनास्थल और जिला अस्पताल पहुंच गया। खतौली के मोहल्ला देवीदास निवासी डॉ अशोक शर्मा तथा उनका बेटा डॉ प्रवीण शर्मा उर्फ रेनू की मोहल्ले में जूस और काफी कार्नर की दुकान है।  
विज्ञापन


सोमवार सुबह प्रवीण पिता अशोक, मां संतोष, पत्नी अनिता, तीन बच्चों के अलावा मोहल्ले के ही मनीष की पत्नी सविता गोयल और उसकी दो बेटियों के साथ हरिद्वार गंगा स्नान के लिए गए थे। मंगलवार सुबह तक दोनों परिवारों ने हरिद्वार में तीर्थस्थलों को घूमा। सुबह वैन से वापस खतौली के लिए चल दिए। हंसी-खुशी दोनों परिवार भजन आदि गाते हुए लौट रहे थे। दोपहर करीब ढाई बजे जड़ौदा के पास मारुति वैन हाईवे पर खड़े ट्रक में जा घुसी।

दुर्घटना में वैन बुुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में पल भर में ही दोनों परिवारों की खुशियां काफूर हो गई। दो महिलाओं सहित चार लोग मौत के मुंह में समा गए। दुर्घटना की खबर  मिलते ही कस्बे में मातम पसर गया। दोनों परिवारों  के घरों में लोग रोते बिलखते मनहूस क्षण को कोसने लगे। हादसे की सूचना पर एसडीएम कन्हई सिंह भी मंसूरपुर थाने पहुंचे और पुलिस से हादसे के बारे में जानकारी ली।      
विज्ञापन


घायलों की चीखपुकार सुन लोग कांपे
खतौली। वैन के ट्रक के नीचे घुसने के बाद का सीन बहुत ही भयावह था। जहां एक और वैन के परखचे उड़ गए थे। वहीं उसके भीतर घायल और मर चुके लोग बुरी तरह से फंसे हुए थे। घायलों की चीखों की आवाजें बहुत दूर तक सुनाई दे रही थी। वैन के टीन के टुकड़ेे, खून और  शव देखने के बाद हर किसी के होश उड़ गए।  

कौन उठाएगा जिम्मेदारी
खतौली। कुदरत का कहर देखिए कि बेटी नैना व दो बेटे निहाल और दो साल के बच्चे के सिर से पिता का  साया छीन लिया। मृतक डॉ. अशोक का  प्रवीण इकलौता बेटा था। दोनों की मौत हो जाने से अब इस परिवार में कोई पुरुष नहीं बचा है। बेटी व बेटों की परवरिश की जिम्मेदारी जिंदगी मौत से जूझ रही अनीता के कंधे पर आ गई है। उस की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है। 

वैन में गैस सिलेंडर भी फट सकता था      
खतौली। जिस वैन से दोनों परिवार घूमने के लिए गए थे, वह मौत के सामान से पूरी तरह से फिट थी। वैन में गैस का सिलेंडर लगा हुआ था। इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी गनीमत रही कि हादसे के दौरान गैस सिलेंडर नहीं फटा और न ही गैस किट में आग लग पाई नहीं। अन्यथा हादसा  और बड़ा भी हो सकता था। मौके पर पहुंची भीड़ ने सबसे पहले वैन से गैस सिलेंडर ही बाहर निकाला था। 

वैन की बॉडी काटकर निकाले शव            
मंसूरपुर। नेशनल हाईवे पर हुई दुर्घटना के मामले में ट्रक से टकराने के बाद वैन के परखचे उड़ गए। वैन ट्रक के भीतर घुस गई थी। शव और घायलों को गाड़ी की बॉडी काटकर बाहर निकालना पड़ा था।             
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें