एडीजी पुलिस आनंद कुमार और मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने अफसरों की टीम के साथ कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ उत्तराखंड के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। नेशनल हाईवे के सिसौना, छपार, बरला, भूराहेड़ी, मंगलौर से हरिद्वार तक और कांवड़ यात्रा में पड़ने वाले ग्रामों को कानून व्यवस्था की दृष्टि से परखा। यात्रा के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं पर गहनता से चर्चा की।
अपर पुलिस महानिदेशक आनंद कुमार ने कहा कि कांवड़ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा जाएगा। पुलिस कर्मी अपनी ड्यूटी को पूरी ईमानदारी के साथ करें। किसी भी तरह की लापरवाही घातक हो सकती है। लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था बेहतर तरीके से करें।
शिविरों में आयोजक बैटरी आदि का इंतजाम भी करें। चार्जिंग प्वाइंट भी अधिक से अधिक शिविर कैंप में होने चाहिए। डीएम ने जल निगम के अधिकारियों से कहा कि कांवड़ मार्ग पर जो हैंडपंप खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक करा लिया जाए और वाटर टैंक की भी व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देश दिए कि जो मुख्य कांवड़ मार्ग अभी भी अधूरे हैं, उन्हें शीघ्र ही पूर्ण कराया जाए।
सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं और सेक्टर मजिस्ट्रेट की गाड़ी में मेडिकल किट अवश्य होनी चाहिए। कांवड़ मार्ग पर जो कैंप बनाया जाए, उनमें कुछ दूरी होनी चाहिए। इससे संबंधित विभागीय अधिकारी अपनी तैयारी कर लें और जगह-जगह मेन प्वाइंट पर अस्थाई पुलिस चौकी भी बनाई जाएं और पुलिस प्रशासन अलर्ट रहे।
होटल, ढाबे पर निर्धारित रेट लिस्ट को भी अवश्य चस्पा करवाएं और कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले होटल, ढाबे आदि की भोजन की गुणवत्ता को संबंधित अधिकारी चेक करते रहें। इस अवसर पर डीएम जीएस प्रियदर्शी, एसएसपी अनंतदेव, उत्तराखंड के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिले के समस्त अधिकारी मौजूद रहे।
कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन सजग
कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले गांवों के प्रधानों और शिविर संचालकों की एडीएम वित्त सुनील सिंह ने बैठक ली। जिसमें कांवड़ यात्रा को लेकर सभी से सहयोग की अपील के साथ सभी को सतर्क रहने के लिए कहा गया। एडीएम सुनील सिंह ने कहा कि 21 जुलाई को महाशिवरात्रि है। शिवरात्रि पर कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लाकर अपने-अपने गांवों के मंदिरों पर चढ़ाते हैं। करोड़ों कांवड़िये हाईवे के मार्ग से होकर गुजरते हैं।
मार्ग पर पड़ने वाले गूलर के पेड़ों की साफ सफाई कराई जाएगी। वन विभाग इन पेड़ों पर लाल झंडी भी लगाएगा। विद्युत निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कहीं भी बिजली का जो जर्जर खंभा, जर्जर तार उन्हेें शीघ्र ही बदलवा दिया जाए और नए तार लगा दिए जाएं। शिविरों में कहीं भी नंगा तार न रखा जाए।
इसको ध्यान में रखते हुए विद्युतीकरण किया जाए और अधिक से अधिक चार्जिंग प्वाइंट शिविर केन्द्रों के अंदर लगाए जाए जिससे कि गंगा जल लेकर आने वाले कांविड़ये अपने मोबाइल चार्ज कर सकें। एडीएम ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार बिना अनुमति लिए कोई भी शिविर संचालक शिविर न लगाए। ऐसे शिविर आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।
कांवड़ियों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम का नम्बर भी उपलब्ध कराया जाएगा। सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। शिविरों की अनुमति सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से मिलेगी। शिविरों में पुरुष और महिलाओं के शौचालय अलग होने चाहिए। सभी शिविरों में गंगाजल की व्यवस्था होनी चाहिए। किसी भी प्रकार घटना, अफवाह के बारे में अफसरों को बताएं। इस अवसर पर सभी एसडीएम, तहसीलदार और बीडीओ मौजूद रहे।
सहारनपुर मार्ग पर बसों की संख्या बढ़ाई
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान रेलवे विभाग द्वारा अचानक 16 जून तक करीब 30 ट्रेनों को रद्द किए जाने के कारण रोडवेज ने सहारनपुर और हरिद्वार मार्ग पर बसों की संख्या बढ़ा दी है। मेरठ-सहारनपुर के बीच आगामी 16 जून तक अनेक महत्वपूर्ण ट्रेनों को संचालन बंद रहेगा। इसी दौरान कांवड़ यात्रा शुरु हो जाएगी। ऐसे में रोडवेज पर यात्रियों को भार बढऩे की पूरी संभावना है। जिसके मद्देनजर रोडवेज ने पूरी तैयारी कर ली है, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि सहारनपुर मार्ग पर बसों की संख्या 14 से बढ़ा कर 21 कर दी गई है, तथा करीब 10 बसें सहारनपुर डिपो की भी आ रही है। इतनी बसें बढ़ने से इस मार्ग पर यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। इसी प्रकार कुछ मार्गों की सेवा कम करके हरिद्वार की बस सेवाओं में वृद्धि कर दी है, ताकि पवित्र गंगा जल लेने हरिद्वार जाने वाले शिव भक्तों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि डिपो के बेडे़ में 206 बसें है, जिनमें 138 डिपो की और बाकी अनुबंधित है। कांवड़ यात्रा में बेडे की सभी बसों को संचालन किया जाएगा।
पालिका चलाएगी मोबाइल टायलेट, कांवड़ यात्रा में बनेगी कर्मियों की टीम
कांवड़ यात्रा को लेकर नगर पालिका परिषद ने अपनी तैयारियों को मंथन शुरू कर दिया है। दिल्ली और हरिद्वार के बीच का सेंटर जनपद माना जा रहा है, ऐसे में यहां शिवभक्तों की अधिक भीड़ जुटने की संभावना है। जिसके चलते विभागों और अधिकारियों को कड़े इंतजाम करने पड़ेंगे। स्थाई शौचालयों के साथ पालिका कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों के लिए मोबाइल टायलेट चलाएगी। इस व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
शिवभक्त कांवड़ियों को हर सुविधा मुहैया कराने के लिए विभागवार काम सौंपे गए हैं। डीएम ने विभागों को जिम्मेदारी सौंपकर यात्रा के प्रारंभ होने से पहले उनका जांचने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा के दौरान कोई असुविधा आड़े न आए। वहीं, शहर के भीतर नगर पालिका की अधिक जिम्मेदारी रहेगी। चूंकि साफ-सफाई के साथ शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का जिम्मा पालिका के कंधों पर है। जिसके पालिका में भी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
साथ ही जनपद को दिल्ली और हरिद्वार के बीच का सेंटर माना जा रहा है। यहां पर हरिद्वार जाने वाले और दिल्ली की ओर आने वाले कांवडिय़ों का जोड़ रहता है। जिसके चलते भीड़ अधिक होगी। ऐसे में पालिका मोबाइल सुलभ और सरल शौचालय बनाएगी।
यह शहर में शिविरों के आसपास और निर्धारित प्वाइंट पर तैनात किए जाएंगे। ताकि शिवभक्तों को कोई परेशानी न उठानी पड़े। इसके लिए पालिका प्रशासन अपने कर्मचारियों की टीम बनाने में लगा है, जो मोबाइल टायलेट पर तैनात रहेगी। वहीं, डीएम प्रियदर्शी ने पालिका के साथ विद्युत निगम को पथ प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान कोई भी लाइट गड़बड़ नशा करे, इसके लिए पहले से ही जांच पड़ताल की जाएगी।