अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि हड्डी रोग शरीर की हड्डियों को कमजोर व विकृत बनाकर व्यक्ति की गति को प्रभावित करने वाला रोग है। नियमित योगाभ्यास करने और अपनी प्रकृति के अनुसार भोजन करके हम इन रोगों से अपने आप को काफी हद तक बचा सकते हैं।
भारतीय योग संस्थान के निर्देशन में आर्य एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल में हड्डी रोग निवारण शिविर का शुभारंभ संस्थान के जिला प्रधान राज सिंह पुंडीर ने ओम ध्वनि और गायत्री मंत्र से किया। शिविर में हाथ और पैरों के दर्द को दूर करने में सहायक सूक्ष्म क्रियाएं कराई गईं। ताड़ासन, त्रिकोणासन, अश्वत्थासन करवाए। आर्य ने तिर्यक भुजंगासन, मार्जरी आसन, बाल क्रीड़ासन और हास्य आसन करवाया। अनुलोम-विलोम, गहरी लंबे श्वास के प्राणायाम कराए। केंद्र प्रमुख सहदेव आर्य ने बताया कि नियमित योगाभ्यास और संयम से जीवन व्यतीत करने से शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास होता है।
वक्ताओं ने कहा कि हड्डी रोगों से उनकी मजबूती व लचीलापन कम होने लगता है। हड्डी रोगों से शरीर में अनेक प्रकार की जटिलताएं उत्पन्न होने लगती हैं। इस अवसर पर डॉक्टर शारदा मिश्रा ने योग गीत प्रस्तुत किया। विद्यालय के अध्यक्ष सुघोष आर्य ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।