मुजफ्फरनगर। किसानों की मांगों को लेकर भाकियू ने कलक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। घेरा डालो, डेरा डालो आंदोलन के तहत दिए गए धरने में में भाकियू ने घोषणा की कि एक तरफ डीएम ऑफिस पर तंबू गडे़गा और दूसरी तरह आवारा पशुओं को थानों में बांधने का काम किया जाएगा। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि तोप का प्रशासन को जो करना था कर लिया, अब 14 दिन से पहले का सारा भुगतान देने का इंतजाम करें। या तो समस्या का समाधान करो या हमें जेल भेजो। हम हर तरह से तैयार होकर आए हैं।
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान परेशान हो चुका है। अफसर मन मानी कर किसानों का शोषण कर रहे हैं। कौन अफसर कितना कमीशन खा रहा है, इनकी सूची जारी करने का काम भाकियू करेगी। जो गाय, भैंस दूध नहीं दे रही उन्हें भी थानों में ही बांधेंगे। मंडल महासचिव राजू अहलावत ने कहा कि हम किसान को अफसरों के शोषण के लिए नहीं छोड़ सकते। योगी ने गोरखपुर की मिल का विस्तारीकरण करा लिया और मोरना चीनी मिल आज भी कोल्हू बनी है, इसकी कोई चिंता नहीं है। जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने कहा कि भाकियू के इस धरने पर लोगों की निगाहें हैं। यह लड़ाई पूरे देश में फैलेगी। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मैनपाल चौहान ने कहा कि पूरे देश का किसान चौधरी नरेश टिकैत के साथ खड़ा है। पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारूकी, सौदान सिंह, संजय चौधरी, मांगेराम त्यागी, सतीश भारद्वाज, विकास शर्मा, कुशपाल, दिगंबर सिंह, ओमपाल मलिक, नवीन राठी, आसकरण, राजीव बालियान, सतेंद्र ठाकुर, नवीन राठी, विकास मलिक, अक्षय देशवाल आदि ने विचार रखे। संचालन धर्मेंद्र मलिक ने किया।
अफसरों को टिकैत ने नहीं दिया ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। धरना स्थल पर ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे एसपी सिटी सतपाल अंतिल और सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार को भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने ज्ञापन नहीं दिया। संचालक धर्मेंद्र मलिक ने साफ कहा कि हमारे जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान, राजू अहलावत और नवीन राठी ज्ञापन देंगे। अधिकारी ज्ञापन पढ़ लें यदि इन सभी 20 समस्याओं का समाधान कर सके तो उनके बीच वापस आए। अधिकारी ज्ञापन लेकर चलते बने और धरना चलता रहा।
चार घंटे रहा पूरा शहर जाम
मुजफ्फरनगर। भाकियू के आंदोलन के कारण शहर की यातायात व्यवस्था धड़ाम हो गई। कलक्ट्रेट से लेकर शिवचौक तक ट्रैक्टर थे। वहीं दूसरी तरफ महावीर चौक तक ट्रैक्टरों की कतार थी। जहां कलक्ट्रेट पूरी तरह जाम हो गई और अफसरों की गाड़ी भी फंस गई। शहर में चौतरफा जाम लग गया। स्कूली वाहन भी जाम में फंस गए। चार घंटे तक प्रकाश चौक, कोर्ट रोड, शिव चौक, मीनाक्षी चौक, झांसी की रानी मार्ग पूरी तरह जाम रहे। इसी दौरान स्कूलों की छुट्टी होने पर विद्यार्थी भी जाम में फंस गए। बाद में भाकियू नेताओं ने ही कुछ वाहनों को हटवाकर रास्ता खुलवाया। इसमें पुलिस कर्मियों ने भी सहयोग किया।
दफ्तरों से गायब हो गए अफसर
मुजफ्फरनगर। भाकियू के धरने से सोमवार सुबह से ही अफसर अपने दफ्तरों से गायब रहे। डीएम की गाड़ी के स्थान पर भाकियू ने अपना ट्रैक्टर खड़ा कर दिया। कचहरी के सभी रास्ते बंद कर दिए। इसके अलावा अन्य सभी अफसर भी गायब रहे। केवल पुलिस कर्मी ही मौजूद रहे। शाम को चार बजे के लगभग एसपी सिटी सतपाल अंतिल और सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार ज्ञापन लेने पहुंचे।
ज्ञापन में ये रहे मुख्य बिंदू
मुजफ्फरनगर। भाकियू ने 20 सूत्रीय ज्ञापन में गन्ना भुगतान, गन्ना पर्ची, ब्याज का भुगतान, गन्ना सट्टा बढ़ाने की मांग, मोरना, रोहाना चीनी मिल की क्षमता वृद्धि, शामली से जुडे़ किसानों को जिले की गन्ना समिति से जोड़ने की मांग रखी। इसी के साथ बिजली, पानी और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया।