मुजफ्फरनगर। चकबंदी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं किसानों के उत्पीड़न को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने चकबंदी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। अपर जिलाधिकारी वित्त अनिरूद्ध प्रताप सिंह विभाग के अधिकारियों साथ किसानों के बीच पहुंचें लेकिन पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रही। रात में सभी मांगे 15 दिन में पूरी करने का आश्वासन देकर दिया गया तो धरना समाप्त कर दिया गया।
भाकियू एनसीआर प्रभारी विकास शर्मा के संयोजन में किसानों ने चकबंदी कार्यालय के दफ्तर के सामने धरना दिया। आरोप लगाया कि चरथावल ब्लॉक के गांव मुथरा, भमेला, पीपलशाह और रोनी हरजीपुर, पुरबालियान व मंसूरपुर क्षेत्र के अन्य गांवों में चकबंदी को परेशान किया जा रहा है। विभागीय कर्मचारियों को जो पैसा देता है उसका काम कर दिया जाता है जबकि अन्य किसान परेशान घूम रहे है।
अधिकारी मोबाइल पर की जाने वाली कॉल को भी नहीं सुनते। चकबंदी के एक अधिकारी ने पुरबालियान निवासी एक युवा किसान के साथ मारपीट का प्रयास किया।
घोषणा की गई कि जब तक मांगे पूरी नहीं की जाती तब तक धरना जारी रखा जाएगा। अपर जिलाधिकारी वित्त अनिरूद्ध प्रताप सिंह विभाग के अधिकारियों साथ किसानों के बीच पहुंचें लेकिन पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रही। रात में अपर जिलाधिकारी वित्त ने जिलाध्यक्ष नवीन राठी व अन्य पदाधिकारियों के साथ वार्ता की।
इस दौरान उन्हें समस्याओं से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि मंसूरपुर में चकबंदी से परेशान एक किसान ने आत्महत्या भी कर ली। इसके बाद भी सही कार्रवाई नहीं की गई।
लंबी वार्ता के बाद अपर जिलाधिकारी वित्त ने आश्वासन दिया कि 15 दिन में समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
अपर जिलाधिकारी वित्त से मिलने वालों में जिलाध्यक्ष के अलावा पश्चिम प्रदेश प्रभारी विकास शर्मा, नीरज पहलवान, मोनू प्रधान, नरेंद्र मलिक, हेमेंद्र कुमार जिला मीडिया प्रभारी व अन्य मौजूद रहे।