भाकियू का टोल प्लाजा पर बेमियादी धरना जारी
छपार/रोहाना (मुजफ्फरनगर)। कृषि कानूनों के विरोध में शुरू हुए किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर जनपद के छपार व रोहाना टोल प्लाजा पर चल रहा भाकियू का बेमियादी धरना लगातार दूसरे दिन जारी रहा। भाकियू पदाधिकारियों ने मांगे पूरी नहीं होने पर दोनों टोल फ्री कराए जाने की भी चेतावनी दी है।
किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर केंद्र सरकार के विरोध स्वरूप बुधवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने दिल्ली-दून हाईवे के छपार स्थित टोल प्लाजा और सहारनपुर स्टेट हाईवे पर रोहाना में स्थित टोल प्लाजा पर धरना दिया था। शाम होते-होते भाकियू ने दोनों टोल प्लाजा पर चल रहे धरने को अनिश्चितकालीन घोषित कर दिया था। बृहस्पतिवार को भाकियू जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान दोनों टोल प्लाजा पर पहुंचे और आंदोलन को ओर तेज करने की बात कही। जिलाध्यक्ष का कहना था कि जिले में गेहूं क्रय केंद्रों की सबसे अधिक शिकायतें मिल रही है। सिंचाई विभाग व बिजली विभाग भी किसानों का शोषण कर रहे हैं। भाकियू शांतिपूर्ण समाधान चाहती है।
उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों से बातचीत कर समस्याओं का समाधान कराएंगे, यदि अफसर नहीं मानेंगे तो उनके दफ्तरों की तालेबंदी की जाएगी। केंद्र सरकार कोरोना का बहाना बना रही है, लेकिन दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसी भी किसान को कोरोना नहीं हुआ। उन्होंने दोनों टोल प्लाजा पर डटे कार्यकर्ताओं से कहा कि अधिकारियों को मौके पर बुलाओ। वे नहीं आते तो पहले तालाबंदी करो और फिर टोल फ्री कर दो। इस दौरान एडीएम प्रशासन अमित सिंह मौके पर पहुंचे, जिन्हें भाकियू कार्यकर्ताओं ने मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया। छपार टोल से भाकियू जिलाध्यक्ष पुरकाजी ब्लॉक अध्यक्ष मांगेराम त्यागी के साथ रोहाना टोल प्लाजा पर पहुंचे और वहां मौजूद एसडीएम सदर दीपक कुमार से किसानों की समस्याओं को लेकर वार्ता की। कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे दोनों टोल प्लाजा पर चल रहे धरने पर खाने-पीने की कोई समस्या न होने दें।
रोहाना टोल प्लाजा पर सीओ सदर हेमंत कुमार और आरएएफ की एक कंपनी भी मौजूद रही। इनके साथ ही सतीश भारद्वाज, संजीव भारद्वाज, चेयरमैन दानिश, विवेक लाटियान, विकास लाटियान, राजू पीनना, हेमंत त्यागी, दुष्यंत त्यागी और ऋषिपाल मौजूद रहे। वहीं, छपार टोल प्लाजा पर चल रहे धरने पर पुरकाजी नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारुकी, अंकित चौधरी, अमित त्यागी, शहजाद त्यागी, दीपक गुर्जर, मौहम्मद फरमान और बबलू त्यागी आदि मौजूद रहे।