मुजफ्फरनगर। भाकियू ने किसानों की समस्याओं को लेकर डीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। समस्याओं का निदान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई। प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। बाद में एडीएम वित्त सुनील कुमार सिंह को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम 21 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त किया।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के नेतृत्व में मंगलवार को किसानों ने डीएम कार्यालय पर इकट्ठा होकर धरना, प्रदर्शन किया। किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि आज किसान गंभीर संकट में है।
बावजूद इसके सरकार किसानों की फसलों का उचित मूल्य दिए जाने और गन्ना किसानों का बकाया भुगतान दिलाने में उचित कार्रवाई नहीं कर पा रही है। किसानों का गन्ना भुगतान भी दो किस्तों में दिए जाने के आदेश देकर सरकार ने किसानों के हितों पर कुठाराघात किया है। भाकियू पिछले दो माह से संघर्षरत है। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि रेलवे विभाग ने अखबार में सूचना प्रकाशित कराकर किसानों की जमीन का अधिग्रहण किए जाने की विज्ञप्ति जारी की है।
किसानों को साक्ष्य के लिए सहारनपुर बुलाया गया है। जनपद मुजफ्फरनगर के किसान अपनी जमीन नहीं देना चाहते हैं। सहारनपुर में कोई किसान जाकर साक्ष्य नहीं दे सकता। इसके लिए मुजफ्फरनगर में ही कार्यालय खोला जाए। किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में किसानों के बीच आकर एडीएम वित्त सुनील कुमार सिंह ने सीएम के नाम ज्ञापन लिया।
उन्होंने 11 मार्च को किसानों के साथ अधिकारियों की बैठक कराकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। धरने में विकास शर्मा, सर्वेंद्र राठी, सतेंद्र प्रधान, बिजेंद्र, विरेंद्र राठी, नीटू, अंशुमान, अनुज राठी, अशोक, कपिल सोम, मनोज सहरावत, पियूष, कमल शर्मा, कुलदीप सिरोही, सतीश भारद्वाज, धनसिंह सहित काफी संख्या में किसान उपस्थित रहे।