भोजन माता अपना मानदेय बढ़ाए जाने की मांग कर रही हैं। स्कूलों में भोजन बनाने के इन्हें मात्र एक हजार रुपये महीना मिलते हैं। महिला फेडरेशन में भोजन माताओं की मांग को लेकर डीएम को एक ज्ञापन भी दिया। उन्हांेने कहा कि उनका आंदोलन भी लंबे समय से चल रहा है। मगर अब तक कोई राहत नहीं दी गई है।
सभी परिषदीय स्कूलों में मिड-डे मील बनाने को लेकर भोजन माताएं रखी गई हैं। इन भोजन माताओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर भोजन माताओं ने डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन किया।
भारतीय महिला फेडरेशन ने भोजन माओं की दस सूत्रीय मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन भी दिया। इसमें मानदेय 7500 रुपये महीना किए जाने, भोजन माताओं को स्थाई करने, मानदेय सीधे खाते में डालने, साल में दो बार यूनिफॉर्म दिए जाने, खाना बनाते समय दुर्घटना होने पर परिवार को पांच लाख आर्थिक सहायता देने की मांग रखी गई है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कामरेड छोटे खां, संध्या, ओमवीरी, ममतेश, अंजू, बोबी, ममता, संगीता, अनिता, सुनीता, वीरमती, धर्मवती, शिया, सोहनवीरी, रोशनी, जगवती, नीलम, सुरेशवती, कमला, महावीरी, बीती, सुरेशो, राकेश, हनीफा, गीता, रीना आदि मौजूद रही।