सहारनपुर के शब्बीरपुर बवाल के बाद चर्चाओं में आई भीम आर्मी को लेकर शासन-प्रशासन सतर्क है। शनिवार को जिला अस्पताल में लगाए गए भीम आर्मी के रक्तदान शिविर में बखेड़ा हो गया। पुलिस ने संगठन के झंडे-बैनर उतरवाकर कार्यकर्ताओं को अस्पताल से खदेड़ दिया। इससे मौके पर हंगामा खड़ा हो गया। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
भीम आर्मी के द्वितीय स्थापना दिवस एवं सरदार उधम सिंह के शहीदी दिवस पर रक्तदान शिविर के लिए संगठन ने स्वास्थ्य विभाग से अनुमति मांगी थी। संगठन की ओर से यह शिविर शनिवार को जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक विभाग में लगाया जाना था। ब्लड बैंक पर कार्यकर्ता शिविर की तैयारी में जुटे थे। कार्यकर्ताओं ने विभाग के मुख्य गेट और छत पर भीम आर्मी के झंडे-बैनर लगा दिए।
ब्लड बैंक के साथ अन्य बिल्डिंग पर झंडे लगने से अस्पताल में अफरातफरी मच गई। अस्पताल में भीम आर्मी की ओर से शिविर लगाए जाने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। पुलिस ने शिविर संयोजक दिनेश कुमार एडवोकेट से रक्तदान की बाबत पूछताछ की। मामले को लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस में बहस हो गई। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।
इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कार्यकर्ताओं को अस्पताल परिसर से खदेड़ दिया। पुलिस ने फटकार लगाते हुए अस्पताल, ब्लड बैंक की बिल्डिंग पर लगे संगठन के झंडे-बैनर भी उतरवा दिए। भीम आर्मी की ओर से उपकार, कर्मवीर सिंह, योगेश बरवाला, रवि, महेश कुमार, मोहित गौतम आदि मौजूद रहे। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ पीके त्यागी ने बताया कि भीम आर्मी के रक्तदान शिविर की कोई जानकारी नहीं है। विभागीय कार्य से वह दिल्ली हैं, लौटकर इसकी जानकारी करेंगे।
150 लोगों को करना था रक्तदान
मुजफ्फरनगर। भीम आर्मी के रक्तदान शिविर में 150 कार्यकर्ताओं और समर्थकों को रक्तदान करना था। शनिवार सुबह से ही कार्यकर्ता पहुंच गए। शिविर के उद्घाटन के बाद चार कार्यकर्ताओं ने रक्तदान किया, तभी हंगामा खड़ा हो गया। इसके बाद पुलिस ने रक्तदान शिविर नहीं चलने दिया।
पोस्टरों पर चंद्रशेखर की फोटो छपी थी
मुजफ्फरनगर। भीम आर्मी के समर्थकों ने पोस्टरों पर संगठन मुखिया चंद्रशेखर उर्फ रावण की फोटो छपा रखी थी। इसको लेकर भी पुलिस ने पूछताछ की। साथ ही सीएमओ द्वारा जारी अनुमति पत्र मांगा गया। इस पर आयोजकों ने ब्लड बैंक विभाग की अनुमति होना बताया। मौके पर कोई सबूत नहीं मिलने पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को अस्पताल से भगा दिया।