भाकियू भानु गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने कहा कि जहां किसान एकजुट होगा, वहीं खुशहाली होगी। कहा कि किसान अपनी मांगों को मनवाना जानत है। उन्होंने कहा कि हक की लड़ाई के लिए संगठन चलाना जरूरी है। उन्हें संगठन चलाने के लिए भीख भी मांगनी पडे़ तो पीछे नहीं हटेंगे।
मोरना के महर्षि शुकदेव इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की फसल की लागत के हिसाब से गन्ने का मूल्य 500 रुपये क्विंटल, तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल गेहूं, आलू 1500 रुपये क्विंटल और बासमती धान की कीमत 4500 रुपये क्विंटल मिलनी चाहिए।
केंद्र सरकार इसका विरोध करने का काम कर रही है। क्योंकि सरकार उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर सकती है, लेकिन किसान का नहीं। किसान विरोधी नीतियों के कारण किसान आज कर्ज में डूबा हुआ है। किसान आयोग का गठन हो और उसमें किसान को फसल लागत के हिसाब से कीमत तय करें तो किसान खुशहाल हो जाएगा।
सरकार को किसान की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल का विद्युत बिल माफ करना चाहिए। उद्योगपतियों की मिलों से निकला विषैला पानी जमीन को बंजर करने का काम कर रहा है। अमेरिका से आई टीम ने भी काली नदी के पानी को जहरीला माना है।
इसलिए गंगनहर का पानी काली नदी में पहले की तरह डाला जाना चाहिए। इस दौरान जिलाध्यक्ष संजीव तोमर, जसविंद्र चौधरी, ब्लाक अध्यक्ष जगत सिंह, योगेंद्र राठी मंडल अध्यक्ष, ब्रजवीर चौधरी, देवेंद्र सहरावत, युवा ब्लाक अध्यक्ष निशांत राठी, ओमपाल सिंह, अब्दुल सलाम आदि ने उपस्थित रहे। अध्यक्षता मोहम्मद यूसुफ टंढेड़ा और संचालन अवधेश चौधरी किया।
सीओ से कार्यकर्ताओं की नोकझोंक
किसान सम्मेलन में मोनू म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने किसानों का मनोरंजन किया। भोपा सीओ अकील अहमद और थानाध्यक्ष विजय सिंह ने पंडाल में पहुंचकर कार्यक्रम को बंद करा दिया। जिसको लेकर सीओ के साथ कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हो गई। बाद में कम आवाज में साउंड बजाने पर सहमति बनी। तब कहीं जाकर कार्यक्रम शुरू हो सका।