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कन्या भ्रूण हत्या करने से रूठ जाता है भाग्य  

Sat, 02 Apr 2016 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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विष्णु आश्रम महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित करते शंकराचार्य। - फोटो : अमर उजाला
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शुक्रताल के दंडी आश्रम में भागवत संत ब्रह्मलीन स्वामी विष्णु आश्रम महाराज की बारहवीं पुण्यतिथि पर आयोजित साप्ताहिक भागवत कथा का शनिवार को समापन हो गया। भानु पीठाधीश्वर शंकराचार्य दिव्यानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि जो कन्या भ्रूण हत्या करते हैं, उनका भाग्य रूठ जाता है। 
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शुक्रताल के दंडी आश्रम के डोंगरे कथा व्यास भवन में शंकराचार्य दिव्यानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि अंत:करण करने को भगवान का भजन करना चाहिए। तमो गुण, रजो गुण और सतोगुण पर विजय प्राप्त होने से भक्तिभाव जाग्रत हो जाता है। गुणों पर आकर्षित होना चाहिए, ना कि रूप पर। गुण सदैव रहेंगे, लेकिन रूप नहीं। ब्रह्मलीन स्वामी विष्णु आश्रम जी महाराज ज्ञान के भंडार थे।

जिन्हें भागवत कंठस्थ याद थी। गाय की सेवा को सच्ची सेवा मानते थे। इस मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी केशवानंद महाराज, दंडी स्वामी महेश्वर आश्रम महाराज, स्वामी गीतानंद महाराज, ज्ञानानंद महाराज, शिवकुमार शास्त्री, आनंद अवस्थी महाराज, वेदप्रकाश महाराज, स्वामी प्रबोध आश्रम महाराज आदि ने भी विचारों से श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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इससे पूर्व शंकराचार्य राजराजेश्वरम महाराज हरिद्वार, भूम्मा निकेतन के स्वामी अच्चूत्यानंद महाराज, राष्ट्रपति पुरस्कार पारित स्वामी निगम बौद्ध महाराज लुधियाना, दक्षिणी काली पीठाधीश्वर कैलाशानंद महाराज हरिद्वार, स्वामी कृष्णा स्वरूप महाराज पंचमुखी मंदिर मेरठ उपस्थित रहे। मनोहर शर्मा, विनोद शर्मा, रामफल मलिक का सहयोग रहा। 
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