बारिश के बाद लहलहाती गेहूं की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार से हो रही बारिश को गेहूं के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है तो आलू और सरसों में नुकसान हो सकता है। कृषि विशेषज्ञ खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दे रहे हैं, नहीं तो फसलें खराब हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर हुई ओलावृष्टि से भी ज्यादा नुकसान नहीं होने की बात कही जा रही है। इन दिनों खेतों में गेहूं, सरसों और आलू की फसलें खड़ी है। गन्ने की कटाई हो रही है। बारिश होने से खेतों में पानी भर गया है। इससे गन्ने की कटाई पानी सूखने तक प्रभावित रहेगी। गेहूं की फसल अभी छोटी है। इसलिए बारिश को इसके लिए नुकसानदायक नहीं माना गया है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी पवन विश्वकर्मा का कहना है कि सरसों में भी फलियां बन चुकी हैं। इसलिए इसमें ज्यादा नुकसान नहीं होगा, बल्कि बारिश फायदेमंद है। सरसों पर लगा माहू यानी चैंपा रोग बारिश में धुल जाएगा। जहां पर सरसों में फलियां नहीं बनी और ओलावृष्टि व तेज हवा चली, वहां पर फूल गिरने से सरसों की फसल को नुकसान होगा।
आलू की फसल में पानी भरने से झुलसा रोग पनपने की आशंका है। इसलिए यह बारिश आलू के लिए ज्यादा नुकसानदायक हो सकती है। उन्होंने बताया कि खेतों में पानी रुका न रहने दें। यदि खेत में ज्यादा पानी भरा रहता है तो फसलों को नुकसान हो सकता है। गन्ने और गेहूं की फसल के लिए बारिश से फायदा होगा।
लगातार बारिश से बढी ठंडक, 28.4 मिली मीटर वर्षा हुई रिकार्ड
बीते 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। दिन भर आकाश में बादल छाए रहे और बारिश होती रही, इसके चलते अधिकतम तापमान यहां गिर कर 14.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जिले में 28.4 मिली मीटर वर्षा रिकार्ड की गई है।जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। ठंड के बढ जाने से बारिश के चलते आम आदमी अपने घरों में ही कैद रहा। बारिश के कारण शहर की सड़कों पर कीचड भर गया है। जिन सड़कों पर निर्माण कार्य चल रहा है, वहां स्थिति अधिक खराब हो गई है।
हालात यह रहे कि दिन भर बारिश होती रही और आकाश में बादल छाए रहे। दिन में भी ठंड को लेकर रात जैसी स्थिति रही। मंगलवार को अधिकतम तापमान गिर कर 14.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। मौसम विभाग के अनुसार जिले में 28.4 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। लगातार बारिश और शीत लहर के चलने से आम आदमी पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। मंगलवार को लगातार बारिश से लोग अपने रोजमर्रा के काम भी नहीं कर पाए। 24 जनवरी तक मौसम में यही स्थिति बने रहने की संभावना है।