अदालत में पेशी के लिए आए पूर्व विधायक उमेश मलिक कोर्ट परिसर में मौजूद। संवाद
- कवाल कांड से पहले जिले का सबसे बड़ा चर्चित मामला
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर दंगे से पहले तनाव के माहौल में शाहपुर थाना क्षेत्र के सोरम गांव में हुए झगड़े के मामले में पूर्व विधायक उमेश मलिक अदालत में हाजिर हुए। अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।
बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता श्यामवीर सिंह ने बताया कि 20 अगस्त 2013 को सोरम में दो अलग समुदाय के लोगों के बीच झगड़ा हो गया था। वादी वाजिद ने उमेश मलिक समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मलिक पर भी लोगों को भडक़ाने का आरोप लगा था। पुलिस ने इस मामले की विवेचना कर फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में प्रेषित कर दी थी।
बाद में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ वादी पक्ष ने कोर्ट में प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल किया। मामले की सुनवाई स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट में हुई। मंगलवार को पूर्व विधायक ने कोर्ट में पेश होकर जमानत प्रार्थना पत्र किया। पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने उनका जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकृत कर लिया। सोरम गांव का यह मामला चर्चित रहा था। कवाल कांड से पहले सोरम के झगड़े को लेकर जिलेभर में तनाव का माहौल बन गया था।