वाइल्ड लाइफ और वन विभाग के अधिकारियों ने साझा मीटिंग कर वन्य जीवों, जलीय जीवों की सुरक्षा और संरक्षण पर मंथन किया। साथ ही वन रेंजरों, वन रक्षकों को जंगली जानवरों के पद चिन्हों के साथ व्यवहार के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि घडिय़ाल को बेखौफ पकड़ सकते हैं, जबकि मगरमच्छ खतरनाक होता है। जिसे काबू में करने के उपाय बताए गए।
विकास भवन में शुक्रवार को वाइल्ड लाइफ और वन विभाग के अधिकारियों ने मीटिंग की। जिसमें वन रक्षकों, रेंजरों, वन कर्मियों के साथ वन्य जीव सेंचुरी में लगे कर्मचारियों को जंगली जानवरों, जलीय जीवों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वाइड लाइफ के अधिकारियों ने कहा कि जंगली जानवर भटक कर आबादी में घुस आते हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए उसके पदचिन्ह महत्वपूर्ण होते हैं। पद चिन्हों की पहचान होना जरूरी है, ताकि जानवर के व्यवहार, आक्रमकता का भी पता लगता है।
जलीय जीवों में घड़ियाल शांत जीव होता है, इसे पकड़ना मुश्किल नहीं है। यह सामान्य व्यवहार करता है, लेकिन मगरमच्छ बेहद खतरनाक जीव है। जो पलभर में इंसान को नुकसान पहुंचा देता है। इस जीव को सावधानी पूर्वक कब्जे में करने के उपाय बनाए।
इसके अलावा भी हाथी, तेंदुआ, सियार, भेड़िया, जंगली बिल्ली, सुअर आदि को पकड़ने तथा विषम परिस्थितियों में काबू करने के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही अधिकारियों ने जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा पुख्ता करने के निर्देश दिए। वन संरक्षक सहारनपुर मंडल रमेश पांडेय, डीएफओ सूरज, एसडीओ द्वितीय संजीव कुमार, वाइल्ड लाइफ के कोआर्डिनेटर दबीर हसन, विक्रम सिंह तोमर, डॉ एआर बोपन्ना आदि मौजूद रहे।
वन रक्षकों-कर्मियों को ज्ञान परखा
मुजफ्फरनगर। वाइल्ड लाइफ और वन विभाग के अधिकारियों ने वन रक्षकों, वन दरोगा, वनकर्मियों का जीव-जंगल के बारे में ज्ञान भी परखा। मीटिंग के बाद अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों का लिखित में एग्जाम हुआ। जिसमें वाइल्ड लाइफ और मनुष्य में परस्पर संबंध, जीवों के बारे में सवाल-जवाब पूछे गए।