मुजफ्फरनगर में नोटबंदी के बाद बैंकों में कैश की कमी से आम जनता को जूझना पड़ रहा है। लोगों के पास अपना घर का खर्च चलाने के पैसे तक नहीं है। शनिवार को बैंक बंद रहे, सुबह से ही एटीएम पर भीड़ लग गई। शाम तक अधिकतम एटीएम खाली हो गए।
बैंकों से कैश नहीं मिलने के कारण दूध और सब्जी वालों को पैसे देने को लेकर भी आम आदमी को जूझना पड़ रहा है। हालत यह है कि लोग अपना सारा काम छोड़कर बैंक और एटीएम की लाईन में लग रहे हैं। शनिवार को बैंक बंद होने से आम जनता को अधिक कठिनाईयां उठानी पड़ी। जिन लोगों के पास एटीएम हैं, वह सुबह से ही लाईनों में लग गए। शहर में गिने-चुने एटीएम ही चल रहे हैं, इनमें भी शाम तक कैश खत्म हो गया। आम आदमी को कैश के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।
कैश की सीमा बढ़ाने की मांग
दी गुड खांडसारी मर्चेंट्स एसोसिएशन ने नोटबंदी से गुड के घटते व्यापार पर चिंता व्यक्त की। सप्ताह में बैंक से 50 हजार ही मिलने को व्यापारियों के लिए अपर्याप्त बताया। अध्यक्षता संजय मित्तल और संचालन श्याम सिंह सैनी ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए।
नोटबंदी को लेकर कांग्रेसियों का प्रदर्शन
जानसठ। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी के विरोध में तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने भाजपा सरकार के फैसले को गलत बताते हुए इसे जनता के लिए काला अध्याय बताया। शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 व 1000 के नोट बंद करने के विरोध में तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अब्बास अली खां, आबिद अंजान, वारिश राजपूत, प्रदीप राणा, नावेद खान, विनय शर्मा आदि ने कहा कि नोटबंदी का फैसला आम जनता के जीवन पर बुरा असर डाल रहा है। जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लाइन में मरने वालों को शहीद का दर्जा तथा पीड़ित परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि 28 नवंबर को राहुल गांधी के द्वारा भारत बंद का सहयोग आम जनता को करना चाहिए। प्रदर्शन में पूर्व सभासद मुल्ला शकील, हाजी हनीफ खान, हसीर हैदर जैदी, नावेद, जावेद हुमायुं, असलम खां, मनोज कुमार, मेंहदी राजपूत आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।