कोरोना ने बिगाड़ दी बैंडबाजा वालों की चाल
मुजफ्फरनगर। करीब डेढ़ साल पहले तक बरातों की शान उसमें शामिल होने वाले बैंड से हुआ करती थी। जितनी बड़ी और आलीशान बरात, उसकी बैंड कंपनी भी उतनी नामचीन हुआ करती थी। लोग बड़े रौब से बेटे और भाई की बरात में बुक बैंड कंपनी का नाम नाते-रिश्तेदारों को बताया करते थे, लेकिन कोरोना संक्रमण ने बैंड बाजा संचालकों और उसे जुड़े लोगों की भी रोजी रोटी प्रभावित कर दी है।
बैंड बाजा संचालकों का कहना है कि पिछले वर्ष लगे लॉकडाउन के बाद से उनके हालात सुधर नहीं रहे। उनके कारोबार पर भी कोराना संक्रमण का बड़ा असर पड़ा है। कोरोना संक्रमण के कारण लोगों को घरों की शादी बरातें निपटाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बैंड और डीजे बुक करने की तो कोई सोच ही नहीं रहा। बैंडबाजा व्यवसाय से रोजी रोटी कमाने वाले सैकड़ों लोग भी बेरोजगार हो गए हैं। शहर में मोतीमहल व कच्ची सड़क स्थित बैंडबाजा वालों के यहां सन्नाटा पसरा है। बैंड बाजा संचालकों का कहना है कि शासन को उनके भी हितों को देखते हुए कुछ निर्णय लेना चाहिए।