भरतिया कॉलोनी से निकाली जाने वाली श्रीबालाजी की शोभायात्रा पुराने मार्ग से निकलेगी। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने देर शाम मीटिंग कर यह निर्णय लिया है। इससे पूर्व दिनभर शोभायात्रा के मार्ग को लेकर जाम और हंगामा चलता रहा। वहीं, शोभायात्रा को लेकर प्रशासन की भी टेंशन बढ़ गई है। नए मार्ग की अनुमति देने से पहले ही डीएम इंकार कर चुके हैं, मगर लोगों की उग्रता से माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
श्रीबालाजी धाम मंदिर से 11 अप्रैल को श्रीबालाजी (हनुमान जी) की शोभायात्रा निकाली जानी है। इसके लिए मंदिर समिति ने तैयारियां पूरी की हैं। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने शोभायात्रा को मार्ग बदलकर निकालने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी, एडीएम प्रशासन ने मीटिंग कर नए मार्ग को खारिज कर दिया था। समिति द्वारा प्रस्तावित किए गए मार्ग पर पड़ने वाले मोहल्ले के लोगों ने प्रशासन के इंकार करने पर आक्रोश जताया।
पहले शोभायात्रा मंदिर परिसर से चलकर नई मंडी के कई मार्गों से होती हुई भोपा पुल से अंसारी रोड से निकाल कर मोतीमहल, सराफा बाजार से होकर भगत सिंह रोड आती है। प्रस्तावित मार्ग में सराफा बाजार के मार्गों में व्यापारियों के अतिक्रमण, मार्ग संकरा होने के चलते यात्रा को मोती महल न मोड़कर सीधे चुंगी नंबर-2 से होते हुए आबाकारी रोड, हनुमान चौक होते हुए भगत सिंह रोड तक निकाले जाने का एजेंडा बना।
डीएम डीके सिंह के इंकार करने पर शनिवार को नए मार्ग आबकारी रोड, रामलीला टिल्ला समेत अन्य क्षेत्र के लोगों ने सर्वधर्म जनसेवा समिति के बैनर तले हनुमान चौक पर जाम लगाते हुए यात्रा नए मार्ग से ही निकालने की मांग करते हुए हंगामा किया। लोगों ने कहा कि नए मार्ग में प्राचीन सिद्धपीठ हनुमान मंदिर पड़ता है, यहां से लोगों की आस्था जुड़ी है। नए मार्ग से ही यात्रा निकाली जाए।
जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत किया। शहर कोतवाल पीपी सिंह ने देर शाम तक वक्त मांगा और निर्णय लेने आश्वासन दिया। शाम को जाम लगाने वाले लोग फिर से कोतवाली पहुंच गए, लेकिन कोई फैसला नहीं होने पर बिफर पड़े। उत्तेजित लोगों ने फिर से जाम लगा दिया। वहीं, मामला मंदिर समिति तक पहुंचा तो पदाधिकारियों ने तत्काल मीटिंग बुलाई।
देर शाम श्रीबालाजी धाम मंदिर में कमेटी के संरक्षक सुदेश बंसल, हरिशंकर तायल, विजय बंसल, अशोक शर्मा, चंदकिरण गुरु, भीमसेन कंसल आदि ने मीटिंग की। जिसमें निर्णय लिया गया कि शोभायात्रा पूर्व के मार्ग से ही निकाली जाएगी। यात्रा सराफा बाजार से होते हुए भगत सिंह रोड से मंदिर पहुंचेगी। शहर कोतवाल पीपी सिंह ने बताया कि नए मार्ग को लेकर उच्चाधिकारियों ने कोई अनुमति नहीं दी है। लिहाजा शोभायात्रा का मार्ग फिलहाल पुराना ही रहेगा।