मुजफ्फरनगर। गुरुग्राम में कंपनी के खाते से गेमिंग एप के जरिए 25 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में आरोपी अमित बोरा की जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दी।
नई मंडी के संगम विहार निवासी आशीष बंसल की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा कायम किया था। विवेचना के दौरान आरोपी ने गुरुग्राम स्थित कंपनी के खाते से गेमिंग एप शुरू कर कर्ज उतारने की योजना बनाई थी। जांच पड़ताल में उड़ीसा के महानदी विहार चोलिया गंज, गंदरपुर थाना चौड़ियागंज जिला कटक निवासी अमित कुमार बोरा का नाम प्रकाश में आया। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने डायरेक्टर का रजिस्टर्ड फोन नंबर कंपनी के खाते से हटाकर अपना नंबर रजिस्टर्ड करा लिया। इसके बाद एकाउंटटेंट के सहयोग से गेमिंग एप के जरिए खाते में रुपया मंगाना शुरू किया। आरोपियों के चंगुल में वादी फंस गया। विवेचना में वादी के खातों से भिन्न तारीखों में आरोपी के खाते में साढ़े आठ लाख रुपये का ट्रांसफर होना पाया गया। आरोपी सात सितंबर से कारागार में बंद है। बचाव पक्ष ने निचली अदालत से खारिज होने के बाद जमानत अर्जी सेशन में लगाई।
अदालत की टिप्पणी : नागरिकों की हड़प रहे कमाई
प्रभारी सेशन न्यायाधीश रविकांत ने सुनवाई के बाद टिप्पणी करते हुए कहा कि आज के समय में इस प्रकार के अपराध काफी बढ़ रहे हैं तथा आम नागरिक की मेहनत की कमाई को ऑनलाइन फ्रॉड के माध्यम से धोखाधड़ी करते हुए हड़पकर उनका बेवकूफ बनाया जा रहा है। आर्थिक अपराध किए जा रहे है। अदालत ने केस की गंभीरता और अपराध में संलिप्तता को देखते हुए आरोपी को जमानत देने से इन्कार कर दिया।