बाबा बुड्ढा साहिब का 510 वां प्रकाश उत्सव श्री अखंड पाठ, शब्द कीर्तन कर धूमधाम से मनाया गया। दस बजे से तीन बजे तक महान कीर्तन दरबार लगाया गया। घास मंडी स्थित बाबा बुड्ढा साहिब गुरुद्वारे में आयोजित महान कीर्तन दरबार में रागी जत्थे के भाई अजीत सिंह ने कहा कि बाबा बुड्ढा साहिब जी अमृतसर साहिब के पहले हैड ग्रंथी थे। उन्होंने गुरु नानकदेव से लेकर गुरु गोविंद सिंह तक के दर्शन किए।
सातवें से लेकर दसवें गुरु की गद्दी का बुड्ढा साहिब के वंशजों द्वारा तिलक किया गया। जत्थेदार देवेंद्र सिंह कालू ने अरदास के उपरांत गुरु के अटूट लंगर संगतों को छकाए गए। गुरुचरण सिंह दिल्ली, गुरुमीत सिंह देहरादून ने गुरुवाणी संकीर्तन कर संगत को निहाल किया।
श्री अखंड पाठ साहिब का भी समापन हुआ। प्रकाश उत्सव में गुरुजीत सिंह साहनी, खालसा दल जिला प्रधान सतनाम सिंह हंसपाल, मनजीत सिंह हैप्पी, गुरुचरण सिंह, खेल सिंह, जयइंदर सिंह हंसपाल, राजकुमार कालरा, मनीष बांग, राहुल बजाज, पारस अरोरा, रणजीत सिंह, कुलदीप सिंह, नीरज खन्ना, बलविंदर सिंह, मनीष मखीजा, निरमोहन सिंह, तिलकराम, परमीत सिंह, दीपक चावला, शांति प्रकाश, संत सिंह, प्रिंस कथूरिया, परमीत सिंह, दीपक चावला, शांति प्रकाश, हरमिंदर सिंह, सन्नी अरोरा, सुरेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।