चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में एक कार्यक्रम के समय भारतीय क्रिकेटर भुवनेश्वर के साथ क्रिकेट कोच विकास शर्मा। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
रोजाना गुलजार रहने वाली स्टेडियम की दर-ओ-दीवार शनिवार को गुमसुम दिखीं। क्रिकेट के हुनर को तराशने वाला अब नहीं रहा। जिला स्टेडियम में क्रिकेट कोचिंग देने वाले विकास शर्मा बीसीसीआई लेवल प्रथम के कोच थे। साथ ही वह यूपी एंपायर एसोसिएशन में भी सदस्य बनाए गए थे। दुखद घटना के बाद स्टेडियम में शनिवार को तमाम खेल गतिविधियां बंद रखी गईं।
शहर की साकेत कालोनी निवासी विकास शर्मा ने पटियाला के एनआईएस (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स) से क्रिकेट कोच की डिग्री ली थी। इसके बाद क्रिकेट कोचिंग के लिए वर्ष 2005 में चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में बतौर कोच के पद पर तैनात हुए। पिछले 11 साल से स्टेडियम में क्रिकेट कोचिंग देकर युवाओं में हुनर तलाश रहे थे।
वर्ष 2009 में बीसीसीआई का एग्जाम देकर लेवल प्रथम के क्रिकेट कोच बने। इसके अलावा भी विकास यूपी क्रिकेट एसोसिएशन में एंपायर के रूप में सक्रिय सदस्य थे। एसोसिएशन द्वारा विकास को कानपुर, यमुना नगर, देहरादून आदि राज्य के अनेक जिलों में होने वाले रणजी मैचों में एंपायरिंग के लिए भेजे गए।
शनिवार अलसुबह ऐसी मनहूस खबर आई कि पलभर में वे दुनिया से विदा हो गए। हादसे में उनकी मौत की खबर जैसे ही स्टेडियम पहुंची तो खिलाड़ियों के साथ अधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई।
स्टेडियम में शनिवार को सभी खेल गतिविधियों को बंद रखा गया। जिला क्रीड़ा अधिकारी प्रेम कुमार, महिला क्रीड़ा अधिकारी पूनम विश्नोई और अन्य अधिकारी कर्मचारियों के साथ ही खिलाड़ियों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
स्पोर्ट्स अथार्रिटी ने बनाए थे कॉआर्डिनेटर
मुजफ्फरनगर। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने विकास शर्मा को जिला कोर्डिनेटर बनाया था। इसके लिए उन्हें जनपद में क्रिकेट और फुटबाल के हुनर को तराशने की जिम्मेदारी दी गई थी।