पेंटिंग के माध्यम से कोरोना के खतरों से किया सचेत
मुजफ्फरनगर/बुढ़ाना। देश में कोरोना का प्रकोप बढ़ने से स्कूल-कॉलेज बंद है। सीबीएसई और यूपी बोर्ड के 12 वीं एग्जाम की तिथि तय नहीं है। घर रहकर विद्यार्थी रचनात्मक कार्यों में हुनर को तराश रहे हैं। संक्रमण से बचाव के तरीकों को रंगों के माध्यम से उकेरा जा रहा है। विद्यार्थी ने देश में कोरोना संकट को पेंटिंग के माध्यम से कागजोें पर दर्शाया है, तो कई बच्चों से कोरोना योद्धा चिकित्सकों की अथक सेवाओं के लिए पोस्टर के जरिए थैंक्स बोला है।
बुढ़ाना की ग्रेजुएट की छात्रा पलपल को पेंटिंग का शौक है। वह छुट्टियों में बच्चों को भी पेंटिग सिखाती है। मौजूदा हालातों पर हूबहू वह रंगो ंके माध्यम से आर्ट के पन्नों पर दर्शाना उनकी दक्षता है। उन्होंने आकर्षक पेंटिंग के द्वारा देश के हिस्सों में लगे कोरोना कर्फ्यू में चिकित्सकों और पुलिसकर्मियों की सेवाएं अनमोल है, गहरी सांस लेकर संक्रमण से लड़ना दर्शाया है। कहती हैं कि घर में रहकर सोशल साइटों पर पेंटिंग साझा कर लोगों को सचेत करती है।
छोटा बाजार निवासी छात्रा आराध्या ने पोस्टर बनाकर अपनी भावनाओं को प्रस्तुत किया। उसने जानलेवा बीमारी से बचने के लिए स्टे होम, स्टे सेफ पर सुंदर चित्र बनाकर संदेश दिया है। इस बिटिया ने दीदी के सहयोग से छुट्टियों में पोस्टर बनाया है।
बड़ौदा गांव निवासी छात्रा शिवा ने खतरों को टालने के लिए पोस्टर के माध्यम से बताया है। छात्रा ने रंगों के जरिए हाथ नहीं मिलाना, बार-बार हाथ धोने और मास्क लगाकर कोरोना को मात देने की अपील की है।
भूमिया मंदिर के निकट पछाला मोहल्ला निवासी छात्रा रैनी त्यागी ने कोरोना महामारी में जान पर खेलकर सेवा का फर्ज निभाने वाले चिकित्सक, नर्स और स्टाफ को थैंक्स बोलते हुए रियल गॉड बताया है। उन्होंने पोस्टर के माध्यम से दर्शाया कि स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाएं अमूल्य है। घर रहे, सुरक्षित रहे।
छात्र तरुण राणा ने कोविड गाइडलाइन का पालन कराने के तरीकों को पोस्टर पर बनाकर सतर्कता का संदेश दिया है। पर्यावरण संतुलन के लिए पेड़ों को बढ़ावा देने, शारीरिक दूरी बनाने, बार-बार हाथ धोने से कोरोना को हराया जा सकता है।