पुरकाजी में लंढौरा रियासत के राजा एवं पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह की पुरकाजी के शेरपुर गांव में पुलिस की सख्ती के चलते महापंचायत नहीं हो पाई। हजारों की संख्या में भीड़ शेरपुर पहुंच गई। पुलिस के तमाम आला अधिकारी आरएएफ के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को सभा करने से इंकार कर दिया।
बाद में पहुंचे कुंवर प्रणव सिंह को भी एसपी सिटी ने साफ बता दिया कि बिना परमीशन के कोई पंचायत नहीं होगी। बाद में प्रणव सिंह ने भीड़ को समझा-बुझाकर वापस भेज दिया। महापंचायत को लेकर शेरपुर दिनभर पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
कुंवर प्रणव सिंह उत्तराखंड की खामपुर सीट से कांग्रेस विधायक चुने गए थे। पिछले दिनों राजनीतिक उठापटक के चलते वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए। कुछ दिन पूर्व एक विवाद के चलते दूसरे समुदाय के लोगों ने उत्तराखंड के लंढौरा स्थित उनके रंगमहल में तोड़फोड़ और आगजनी कर दी थी।
इसके जवाब में प्रणव सिंह ने महापंचायत करने का ऐलान कर रखा था, लेकिन उत्तराखंड सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी। प्रणव सिंह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तराखंड की सीमा से सटे इलाके में महापंचायत करने की तैयारी कर रहे थे, जिसे लेकर उन्होंने पुरकाजी थाना क्षेत्र के कई गुर्जर बाहुल्य गांवों में बुधवार रात जनसंपर्क कर लोगों से महापंचायत में आने का न्यौता भी दिया था।
इसकी जानकारी मिलने पर रात्रि में ही पुरकाजी पलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी थी। ब्रहस्पतिवार सवेरे खादर क्षेत्र के ग्राम शेरपुर में महापंचायत होने की जानकारी मिलने पर एसपी संतोष कुमार मिश्रा और एसपी देहात राकेश कुमार जौली आरएएफ और कई थानों की पुलिस फोर्स के ग्राम शेरपुर पहुंचे और वहां जमा हुए लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया।
इसको लेकर लोगों की पुलिस से तीखी झड़प भी हुई। धीरे-धीरे वहां पर दर्जनों ग्रामों के हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसे लेकर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। इसी बीच करीब 11 बजे कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे, जिन्हें देखकर उनके समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। एसपी सिटी और एसपी देहात ने सख्त रुख अपनाते हुए महापंचायत करने देने से साफ इंकार कर दिया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मुजफ्फरनगर संवेदनशील जनपद है, यहां ऐसी पंचायत करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। काफी देर नोकझोंक के बाद प्रणव सिंह मान गए और उन्होंने अपने समर्थकों का अभिवादन करते हुए भीड़ को वापस अपने घर लौट जाने की घोषणा कर दी। प्रणव के वापस लौटने के बाद भीड़ भी धीरे-धीरे छंट गई।
इस दौरान करीब 12 बजे एसएसपी दीपक कुमार भी ग्राम शेरपुर पहुंच गए और हालात की जानकारी ली। अधिकारियों ने पंचायत टलने पर राहत की सांस ली। इस दौरान एडीएम प्रशासन मनोज कुमार सिंह के अलावा सीओ सिटी डॉ तेजवीर सिंह, एसडीएम सदर श्याम अवध चौहान, सीओ सदर अकील अहमद सहित थाना छपार, मसूंरपुर, ककरौली पुलिस और आरएएफ तैनात रही।