मुजफ्फरनगर। शासन के आदेश पर पुलिस ने किसान संगठनों का लेखा-जोखा तैयार करना शुरू कर दिया है। संगठनों से उनका व्यवसाय, संपत्ति और बैंक खाता समेत 15 बिंदुओं पर जानकारी पुलिस की ओर से मांगी जा रही है। शुरूआत में ही किसान संगठनों की ओर से इस पर तीखी नाराजगी वाली प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई है।
विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस ने डोजियर तैयार करने में जुटी है। हर साल जिले में बढ़ती किसान संगठनों की संख्या को देखते हुए इस बार लेखा-जोखा तैयार करने की कवायद शुरू की गई है। पुलिस की ओर से 15 बिंदुओं वाला प्रपत्र तैयार किया गया है।
भाकियू टिकैत, जय किसान आंदोलन, भाकियू हरपाल गुट, भाकियू अराजनैतिक, किसान मजदूर संगठन के अलावा भाकियू के नाम से बनाए गए अलग-अलग गुटों के पदाधिकारियों की सूची बनाकर जिले के थानों में भेजी गई है।
इस प्रपत्र को लेकर पुलिसकर्मी किसान संगठनों के कार्यालयों में पहुंच रही है। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने बताया कि जिले के हर थाने से पुलिसकर्मी पदाधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। हर पदाधिकारी का रिकॉर्ड लेना समझ से परे हैं।
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इन बिंदुओं पर तैयार किया जा रहा रिकॉर्ड
मुजफ्फरनगर। किसान संगठनों के पदाधिकारियों का पद, आधार कार्ड नंबर, पैन कार्ड नंबर, पासपोर्ट नंबर, मोबाइल, बैंक खाता नंबर मांगा गया। इसके अलावा वंश वृक्ष, आपराधिक इतिहास, व्यवसाय, संपत्ति संबंधी विवाद, अन्य विवाद, यदि कोई गैर कानूनी व्यवसाय हो तो उसका विवरण, आय के स्रोत, प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क का विवरण, सोशल मीडिया अकाउंट का विवरण और अन्य कोई जानकारी हो तो उसका विवरण भी देना होगा। ब्यूरो
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किसान मरने-मिटने के लिए तैयार : टिकैत
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भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसान संगठनों को परेशान करने की कोशिश की जा रही है। किसान अपने ट्रैक्टर लेकर तैयार है। अब सरकार को दिल्ली में जाकर ही अपने खातों का हिसाब दिया जाएगा। सरकार को पहले भाजपा नेताओं से हिसाब लेना चाहिए। पुलिसकर्मियों को चेताया कि अगर किसी प्रतिनिधि के घर पहुंचे तो ठीक नहीं होगा। पुलिस-प्रशासन का सम्मान करते हैं लेकिन किसानों की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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किसान संगठनों के पास फूटी कौड़ी नहीं : पूरण सिंह
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किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि कुछ पुलिसकर्मी आए थे। संगठन के सदस्यों की संख्या, आय और व्यवसाय पूछ रहे थे। हम किसानों की सेवा करते हैं। किसान संगठनों के पास फूटी कौड़ी नहीं है। यह नियम भी बनाया जाना चाहिए कि संगठनों की मदद से किसानों की सहायता का प्रयास किया जाए।
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हमारा संगठन खुली किताब : धर्मेंद्र मलिक
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भाकियू अराजनैतिक के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि संगठन खुली किताब है। पुलिस-प्रशासन के पास सभी जानकारियां पहले से ही है। किसान के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं होता। किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान भी होना चाहिए।
भाकियू टिकैत से इनसे मांगा रिकॉर्ड
भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष नवीन राठी, राष्ट्रीय महासचिव ओमपाल मलिक, प्रदेश महासचिव जहीर फारुखी, धीरज लाटियान, प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज पहलवान और युवा मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा के नाम सूची में शामिल हैं।
चौधरी राकेश टिकैत, भाकियू प्रवक्ता
चौधरी राकेश टिकैत, भाकियू प्रवक्ता