अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि घुटने में तीव्र दर्द हो तो रोगी को उस समय घुटने से संबंधित क्रियाओं को नहीं करना चाहिए। यदि घुटना दुर्घटनाग्रस्त हुआ है तो उसकी जांच करा कर हड्डी रोग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य ले लेना चाहिए। तीव्र दर्द की अवस्था में आसन नहीं करना चाहिए।
आर्य एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल में चल रहे पांच दिवसीय हड्डी रोग निवारण शिविर में योगाचार्य ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में होने वाले घुटना दर्द का प्रबंधन रोगी घरेलू उपचार, योगाभ्यास, भोजन, मालिश, प्राकृतिक चिकित्सा से कर सकता है। रोगी को योग विशेषज्ञ से परामर्श लेने के बाद निपुण योग शिक्षक के मार्गदर्शन में ही योगाभ्यास करना चाहिए। घुटनों के दर्द को ठीक करने में त्रिकोण आसन, उत्तानपाद आसन, शालभासन, उत्थानपाद और पैरों की सूक्ष्म क्रियाएं लाभदायक हैं।
हड्डी दर्द के रोगी को भोजन में दही, छाछ और खटाई का सेवन नहीं करना चाहिए। फ्रिज में रखे हुए खाद्य पदार्थ का भी सेवन हड्डी रोगी के लिए हानिकारक है। जिला प्रधान राज सिंह पुंडीर मौजूद रहे।