भाकियू (तोमर) के कार्यकर्ता गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर/ मोरना। कृषि कानूनों के विरोध में कलक्ट्रेट का घेराव करने जा रहे भाकियू (तोमर) के कार्यकर्ताओें को रास्ते में ही ककरौली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस पर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ककरौली थाने में ही धरना, प्रदर्शन किया। काली पट्टी बांध कर इन कानूनों का विरोध किया। बाद में राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार अभयराज पांडे और थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी को ज्ञापन देकर काले कानूनों को वापस लेने की मांग की। ज्ञापन के उपरांत सभी को छोड़ दिया गया।
भाकियू (तोमर) ने मंगलवार को कृषि कानूनों के विरोध में कलेक्ट्रेट का घेराव कर धरना, प्रदर्शन की घोषणा की थी। संगठन के जिलाध्यक्ष अखिलेश चौधरी सुबह कार्यकर्ताओं के साथ जिला मुख्यालय जा रहे थे। रास्ते में ही ककरौली पुलिस ने उन्हें रोक लिया तथा गिरफ्तार कर सभी को थाने पर ले आई। इसकी जानकारी पाकर अन्य कार्यकर्ता भी ककरौली थाने पर ही पहुंच गए। वहीं, पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने कहा कि किसान इन कानूनों को स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान कड़ाके की सर्दी में दिल्ली में धरने पर जमे हुए हैं। अब तो कुदरत ही इंसाफ करेगी, जो भी होगा आंदोलन की धार को तेज किया जाएगा। धरना प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार और थाना प्रभारी को दिया, जिसमें तीनों कृषि कानूनों रो निरस्त करने, किसानों के नलकूपों को मुफ्त बिजली देने, किसानों पर धोखे से किए गए मुकदमों को वापस लेने आदि की मांग की गई। इस दौरान युवा जिलाध्यक्ष अंकित गुर्जर, समर सिंह, रोनक अली, शहजाद मलिक, राजेंद्र चौधरी, निखिल, राजकुमार, बॉबी, उपदेशपाल, इकबाल मास्टर, आशु आदि मौजूद रहे।