मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के 14वें वित्त के टेंडर पर एक बार फिर से घमासान मच गया है। करीब 14 करोड़ रुपये के कामों में से चेयरपर्सन ने 15 कार्य निरस्त कर दिए हैं। सभासदों ने इसे विकास कार्यों में भेदभाव बताते हुए डीएम से शिकायत की है।
नगर पालिका ने 14वें वित्त की करीब 14 करोड़ की राशि से लगभग 100 से ज्यादा विकास कार्यों के टेंडर 19 मार्च को जारी किए थे। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने इनमें से 15 कार्यों को हटाने का नोटिस जारी कर दिया था। उस समय वेबसाइट पर अपलोड किए गए टेंडर में कुछ तकनीकी कमी आने के कारण निरस्त कर दिया गया था। दोबारा 12 मई को टेंडर जारी किया गया, लेकिन उन सब कार्यों को भी इसमें शामिल कर दिया गया, जिन पर चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने रोक लगाई थी। इसका पता लगते ही 13 मई को पालिका अध्यक्ष ने क्रम संख्या 8, 9, 10, 29, 30, 32, 33, 34, 43, 77, 78, 84, 89, 90 के कार्यों को हटा दिया है। बताया जाता है कि ये सभी कार्य वार्ड संख्या 25, 32, 33, 29, 17, 43 व कुछ अन्य के हैं। इन वार्डों के सभासद राजीव शर्मा, कुसुमलता पाल, प्रेम कुमार, मनोज वर्मा, मनीषा तायल, नवनीत कुच्छल आदि ने डीएम से शिकायत कर कहा कि दुर्भावनापूर्ण तरीके से कुछ विशेष वार्डों के कार्यों को टेंडर से हटाया गया है। ये सभी वार्ड भाजपा सभासदों के हैं। उन्होंने चेयरपर्सन द्वारा जारी नोटिस को निरस्त कराने की मांग की है।
इन्होंने कहा...
करीब 14 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर जारी किए गए हैं। इनमें से कुछ कार्यों को पालिकाध्यक्ष ने हटा दिया है - विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ।
जिन कार्यों को हटाया गया है, वे पहले से ही सही स्थिति में है। अच्छी सड़कों और नालों को तुड़वाकर दोबारा नहीं बनवाया जा सकता। इनकी जांच कराने के बाद ही टेंडर से हटाया गया है - अंजू अग्रवाल, पालिका अध्यक्ष।