अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) रेखा सिंह की अदालत ने महताब और नौशाद की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इन पर घरेलू एलपीजी सिलिंडरों का व्यावसायिक उपयोग करने का आरोप है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 10 सितंबर को आपूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव की ओर से दर्ज शिकायत में खतौली के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलिंडरों के दुरुपयोग की बात कही गई थी। जानसठ रोड चौराहा स्थित हाजी महताब के रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। वहां पांच घरेलू श्रेणी के लाल रंग के एलपीजी गैस सिलिंडर मिले। इनमें से दो सिलिंडर मौके पर प्रयोग किए जा रहे थे।
रेस्टोरेंट मालिक महताब के भाई नौशाद मौके पर मौजूद थे। वह सिलिंडरों के व्यावसायिक उपयोग और भंडारण का कोई वैध कारण या दस्तावेज नहीं दिखा पाए। अदालत ने इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का स्पष्ट उल्लंघन माना।
बचाव पक्ष ने कहा कि उनके पास व्यावसायिक कनेक्शन है। कारीगरों की गैस खत्म होने पर खाली सिलिंडर रेस्टोरेंट के बाहर रखे थे। आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई।