संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जनपद में स्वाइन फ्लू पैर पसार रहा है। रविवार को एक ओर मरीज में फ्लू की पुष्टि हो गई। अब पॉजिटिव मरीजों की संख्या 10 पर पहुंच गई है। जिनमें नौ मरीजों का घर पर और एक का नोएडा स्थित निजी चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। संक्रमण को देखते हुए जनपद की सभी ब्लॉक स्तरीय सीएचसी पर दो-दो बेड स्वाइन फ्लू पीड़ित मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। जबकि स्थानीय लैब में ही जांच शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। उप मुख्यमंत्री (स्वास्थ्य मंत्री) बृजेश पाठक ने भी शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग लेकर सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया को आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे।
शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित पाए गए मरीजों के आवास पर रैपिड रेस्पांस टीम भेजकर उपचार शुरू कराने के साथ ही आवश्यक काउंसिलिंग कराई जा रही है। सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि पॉजिटिव पाए गए मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और आवश्यकता के अनुसार उनकी भी जांच कराई जा रही है।
मखियाली सीएचसी क्षेत्र में 10वां मरीज मिला है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस पूरे क्षेत्र में जागरूकता अभियान भी शुरू किया है।
आरटीपीसीआर जांच के लिए उपलब्ध नहीं है किट
एपीडेमियोलॉजिस्ट डॉ.शमशेर आलम का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के पास फिलहाल आरटीपीसीआर जांच के लिए आवश्यक किट उपलब्ध नहीं है। लक्षणों के आधार पर सभी सैंपलों की जांच मेरठ कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि सीएमओ की ओर से निर्देशित किया गया है कि कुकड़ा स्थित बीएसएल-2 लैब पर स्वाइन फ्लू जांच की व्यवस्था की जाए। उन्होंने बताया कि लैब में जांच के लिए आधुनिक मशीनें हैं, लेकिन किट की व्यवस्था की जा रही है।
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बुखार और सांस रोगियों की अलग चलेगी ओपीडी
स्वाइन फ्लू के संक्रमण पर काबू रखने के लिए नजला, बुखार और सांस रोगियों की ओपीडी संचालित करने के लिए जिला चिकित्सालय में अलग से स्थान तलाशा जा रहा है। डॉ. शमशेर आलम ने बताया कि शासन की ओर से ऐसे मरीजों की ओपीडी अलग स्थान पर चलाने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले ऐसे मरीजों के लिए पंजीकरण की व्यवस्था भी अलग की जाएगी।